फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संगीत से निकलेगी कॅरियर की धुन

विज्ञापन
विज्ञापन
गीत-संगीत से जहां भरपूर मनोरंजन होता है, वहीं कॅरियर के दृष्टिकोण से भी इसका काफी महत्व है। मनोरंजन के क्षेत्र में हुए विस्तार से संगीत के क्षेत्र में भी अवसरों में काफी बढ़ोतरी हुई है। संगीत के आधुनिक माहौल में न सिर्फ गायन, बल्कि वादन के क्षेत्र में भी कई तरह के अवसर उत्पन्न होने लगे हैं। यही कारण है कि अब सिर्फ हॉबी नहीं, बल्कि कॅरियर के दृष्टिकोण से भी संगीत की लोकप्रियता विद्यार्थियों के बीच बढ़ी है। यदि प्रतिभा हो, तो इस फील्ड में आपको न सिर्फ भरपूर काम मिलेगा, बल्कि दाम के साथ-साथ यश भी खूब मिलेगा।
विज्ञापन


व्यक्तिगत कौशल
म्यूजिशियन बनने के लिए गायन और वाद्य-यंत्र की बारीकियों का ज्ञान तो होना ही चाहिए, साथ ही क्रिएटिव भी होना चाहिए। गायन और वादन में आपकी स्वाभाविक दिलचस्पी का होना जरूरी है, यानी संगीत को साधने की रुचि से ही इस क्षेत्र में अपना भविष्य संवारा जा सकता है। इसके अलावा धैर्य भी जरूरी है, क्योंकि इस क्षेत्र में लंबे रियाज की जरूरत होती है। तभी बेहतर सिंगर या इंस्ट्रूमेंटल एक्सपर्ट बना जा सकता है। गायन अथवा वादन की यदि स्वाभाविक प्रतिभा आपमें हो, तो अभ्यास के द्वारा इसको और निखारा जा सकता है। आजकल इस क्षेत्र में स्टेज परफॉर्मेंस भी जरूरी होने लगा है। इसलिए शारीरिक फिटनेस पर ध्यान देना  आवश्यक है।

कोर्स और प्रशिक्षण
इस फील्ड में बीए ऑनर्स इन म्यूजिक, बीए ऑनर्स इन क्लासिकल वोकल म्यूजिक, डिप्लोमा इन फोक म्यूजिक, एमए इन म्यूजिक, एमफिल इन म्यूजिक, सर्टिफिकेट कोर्स इन इंस्ट्रूमेंट आदि विभिन्न पाठ्यक्रम हैं। जहां तक इनके लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता का सवाल है, तो यह पाठ्यक्रम के स्वरूप पर निर्भर करता है। साथ ही संस्थान के स्वरूप से भी इसका निर्धारण होता है। स्कूल स्तर पर संगीत की शिक्षा प्राप्त कर चुके विद्यार्थियों को संगीत में आगे शिक्षा प्राप्त करना कुछ सुविधाजनक होता है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी संस्थानों और उनकी वेबसाइट से प्राप्त की जा सकती है। आजकल ऑनलाइन म्यूजिक बनाने का काम भी होने लगा है, जिसकी ट्रेनिंग किसी संस्थान, विशेषज्ञ या ऑनलाइन ही ली जा सकती है।
विज्ञापन

विज्ञापन

तलाश्‍ा की‌जिए बहुत हैं मौके

मौके अनेक
गायन-वादन के क्षेत्र में अवसरों की आज वैरायटी है। आप स्टेज शो से अपनी शुरुआत कर सकते हैं। इसके बाद थिएटर से जुड़ सकते हैं। बेहतर क्रिएटिविटी हो, तो विज्ञापनों में जिंगल्स बनाने या बैकग्राउंड धुन बनाने के लिए अपनी प्रतिभा का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा एलबम में मौके मिलते हैं। इन क्षेत्रों के अलावा प्रतिभा हो, तो फिल्मों के दरवाजे भी आपके लिए खुल जाते हैं। क्लासिकल गायक या वादक के रूप में भी काम और नाम मिलता है। म्यूजिक टीचर के रूप में भी आप खुद को स्थापित कर सकते हैं।

कुछ चर्चित संस्थान

संगीत रिसर्च अकादमी, कोलकाता
www.itcsra.org
संगीत निकेतन, दिल्ली
www.sangeetniketan.com
इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, राजनंदगांव, छत्तीसगढ़
www.iksvv.com
दिल्ली विश्वविद्यालय, नई दिल्ली
www.du.ac.in
बनस्थली विद्यापीठ, जयपुर
www.banasthali.org

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें