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Board Result: बोर्ड रिजल्ट के बाद बढ़ी उलझन, 10वीं के बाद कौन सा विषय चुनें? अभिभावक बच्चों को दें उचित सलाह

Thu, 30 Apr 2026 01:27 PM IST
Shahin Praveen सुनंदा राव, कॅरिअर सलाहकार

सार

Board Results: बोर्ड परीक्षा के नतीजे घोषित होने के बाद छात्रों के सामने आगे की पढ़ाई और करियर को लेकर कई सवाल खड़े हो जाते हैं। खासकर दसवीं के बाद सही विषय चुनना एक महत्वपूर्ण फैसला होता है, जिसमें अक्सर दुविधा की स्थिति बन जाती है। ऐसे समय में अभिभावकों की भूमिका बेहद अहम हो जाती है, जो बच्चों को सही दिशा और उचित मार्गदर्शन देने में मदद करते हैं।
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- फोटो : freepik
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विस्तार
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Stream Selection: बोर्ड परीक्षा के परिणाम आ चुके हैं। कुछ छात्र अपने आगे के लक्ष्य और विषय तय कर चुके होंगे, लेकिन कइयों के सामने अब भी सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि आगे क्या पढ़ें और कौन-से विषय चुनें। यह दुविधा स्वाभाविक है, क्योंकि दसवीं के बाद लिया गया निर्णय केवल दो साल की पढ़ाई तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आगे की उच्च शिक्षा, कॅरिअर और जीवन की दिशा भी तय करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस उम्र में लिया गया फैसला बच्चों के आत्मविश्वास और भविष्य दोनों को गहराई से प्रभावित करता है। ऐसे में माता-पिता और अभिभावकों की भूमिका बेहद अहम हो जाती है।

बच्चों से करें खुलकर बात

14-15 वर्ष की उम्र में बच्चों के लिए अपने भविष्य की स्पष्ट योजना बनाना आसान नहीं होता। ऐसे में अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों से खुलकर
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बातचीत करें और उनकी रुचि, शौक तथा पसंद को समझें। कई बार बच्चे अपने मन की बात सीधे नहीं कह पाते, इसलिए उनसे मित्रवत व्यवहार करना जरूरी है। यह बच्चों की रुचि के क्षेत्रों को समझने और उन पर चर्चा करने का एक रचनात्मक तरीका हो सकता है।

हर बच्चा है खास

हर बच्चे की सोच अलग होती है और उसके सपने भी अलग होते हैं। जरूरी नहीं कि वह वही विषय चुने जो माता-पिता चाहते हैं। अभिभावक उन्हें सही दिशा दिखा सकते हैं, लेकिन अपने विचार थोपने से बचना चाहिए। उदाहरण के तौर पर, यदि बच्चा इंजीनियरिंग करना चाहता है, तो उसे गणित चुनने की सलाह दी जा सकती है। लेकिन अंतिम निर्णय बच्चे का ही होना चाहिए। सही मार्गदर्शन और सहयोग से ही बच्चे अपने भविष्य की मजबूत नींव रख सकते हैं।
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काउंसलर की लें मदद

स्कूल के कॅरिअर काउंसलर बच्चों को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यदि स्कूल में काउंसलर उपलब्ध हैं, तो बच्चों को उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए प्रोत्साहित करें। साथ ही, जिन क्षेत्रों में बच्चे की रुचि हो, उन क्षेत्रों में कार्य कर रहे लोगों से बातचीत करवाना भी फायदेमंद हो सकता है। इससे बच्चों को वास्तविक अनुभव और स्पष्टता मिलती है।
  • दसवीं के बाद विषयों का चयन बच्चों के भविष्य, कॅरिअर व उच्च शिक्षा को प्रभावित करता है।
  • अभिभावक बच्चों से खुलकर बात करें और उनकी रुचि, शौक तथा पसंद को समझें।
  • बच्चे के लक्ष्य को ध्यान में रखकर विषयों का चयन किया जाए।
  • सही मार्गदर्शन और सहयोग से ही बच्चे अपने भविष्य की मजबूत नींव रख सकते हैं।

ऐसे करें विषयों का चयन

अभिभावकों को यह समझना चाहिए कि उनका बच्चा स्कूल के अंतिम दो वर्षों में क्या हासिल करना चाहता है। क्या वह विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए उच्च अंक प्राप्त करना चाहता है, या फिर किसी व्यावसायिक और कौशल आधारित क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहता है? आज के समय में पढ़ाई और कॅरिअर के कई विकल्प उपलब्ध हैं। इसलिए यह जरूरी है कि बच्चे के लक्ष्य को ध्यान में रखकर विषयों का चयन किया जाए।
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