काउंसलर की लें मदद
स्कूल के कॅरिअर काउंसलर बच्चों को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यदि स्कूल में काउंसलर उपलब्ध हैं, तो बच्चों को उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए प्रोत्साहित करें। साथ ही, जिन क्षेत्रों में बच्चे की रुचि हो, उन क्षेत्रों में कार्य कर रहे लोगों से बातचीत करवाना भी फायदेमंद हो सकता है। इससे बच्चों को वास्तविक अनुभव और स्पष्टता मिलती है।
- दसवीं के बाद विषयों का चयन बच्चों के भविष्य, कॅरिअर व उच्च शिक्षा को प्रभावित करता है।
- अभिभावक बच्चों से खुलकर बात करें और उनकी रुचि, शौक तथा पसंद को समझें।
- बच्चे के लक्ष्य को ध्यान में रखकर विषयों का चयन किया जाए।
- सही मार्गदर्शन और सहयोग से ही बच्चे अपने भविष्य की मजबूत नींव रख सकते हैं।
ऐसे करें विषयों का चयन
अभिभावकों को यह समझना चाहिए कि उनका बच्चा स्कूल के अंतिम दो वर्षों में क्या हासिल करना चाहता है। क्या वह विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए उच्च अंक प्राप्त करना चाहता है, या फिर किसी व्यावसायिक और कौशल आधारित क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहता है? आज के समय में पढ़ाई और कॅरिअर के कई विकल्प उपलब्ध हैं। इसलिए यह जरूरी है कि बच्चे के लक्ष्य को ध्यान में रखकर विषयों का चयन किया जाए।