दो श्रेणियों में शैक्षणिक योग्यता
आवेदन के लिए दो श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। पहली श्रेणी में एक में बायोटेक्नोलॉजी, लाइफ साइंसेज, एलाइड एरिया, इंटरडिसिप्लिनरी साइंसेज में पीएचडी पूरी कर चुकी महिला शोधकर्ता आवेदन कर सकती हैं। इसके अलावा एमडी, एमडीएस और एमवीएससी डिग्री धारक भी इस श्रेणी के लिए पात्र हैं। दूसरी श्रेणी में बायोटेक्नोलॉजी या उससे जुड़े क्षेत्रों में एमटेक, एमफार्मा या समकक्ष डिग्री पूरी करने वाली महिला शोधकर्ता आवेदन कर सकती हैं। जो उम्मीदवार उच्च शिक्षा या पीएचडी में पंजीकृत या नामांकित हैं अथवा किसी अन्य फेलोशिप का लाभ ले रही हैं, वे आवेदन नहीं कर सकतीं।
पहली रिसर्च ग्रांट के लिए अवसर
जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) व विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के बायोकेयर प्रोग्राम के तहत शोध कार्य के लिए महिला शोधकर्ता को समेकित अनुदान दिया जाएगा। इसमें प्रस्तावित शोध परियोजना को पूरा करने के लिए आवश्यक नॉन-रिकरिंग और रिकरिंग खर्चों के साथ फेलोशिप भी शामिल होगी। यह सहायता उन महिला शोधकर्ताओं के लिए है, जो बेरोजगार हैं या नियमित पद पर कार्यरत नहीं हैं। जिन शोधकर्ताओं को पहले किसी सरकारी फंडिंग एजेंसी से ग्रांट मिल चुकी है, वे इस कार्यक्रम के लिए पात्र नहीं होंगी।
- इस बायोकेयर प्रोग्राम के लिए आवेदक की अधिकतम उम्र 55 वर्ष निर्धारित की गई है।
- शोध परियोजना की अधिकतम अवधि तीन वर्ष तक होगी।
- शोधकर्ता 23 सितंबर, 2026 तक ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकती हैं।
ऐसे करें आवेदन
पात्र महिला शोधकर्ता विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के कॉमन फेलोशिप पोर्टल fellowships.gov.in के माध्यम से 23 सितंबर, 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। कार्यक्रम की नियम और शर्तें जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) की वेबसाइट dbt.gov.in पर उपलब्ध हैं। आवेदन संबंधी सहायता के लिए डीबीटी-मानव संसाधन विकास परियोजना प्रबंधन इकाई, क्षेत्रीय जैव-प्रौद्योगिकी केंद्र से संपर्क किया जा सकता है।