देशभर के अलग-अलग इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला लेने वाले छात्रों में से मात्र 40 फीसदी इंजीनियरों को रोजगार मिल पाता है और शिक्षा में गुणवत्ता की कमी इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण बताया गया है।
सरकार ने इंजीनियरिंग क्षेत्र में रोजगार के मौके तलाशने और हालत का जायजा लेने लिए ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन से सर्वे करवाया था। रिपोर्ट में ये सामने आया कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे महज 40 फीसदी छात्र ही ऐसे हैं जिन्हें प्लेसमेंट मिल पाता है और बाकी बाजार में भटकते रहते हैं।
सर्वे की रिपोर्ट आने के बाद केंद्र सरकार ने एआईसीटीई को निर्देश जारी किया है कि समर इंटर्नशिप के दौरान छात्रों को रोजगार के हिसाब से जरूरी ट्रेनिंग भी दी जाए। आने वाले सत्र से छात्रों को अब बाजार के हिसाब से नौकरी के लिए जरूरी ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इसके साथ-साथ पाठ्यक्रम में भी बदलाव किया जाएगा। ताकि वक्त के साथ लोग जरूरी स्किल सीख सकें।