अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) की रिपोर्ट ने इंजीनियर बनकर अच्छी नौकरी का सपना देखने वाले छात्रों के के अरमानों पर पानी फेर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार देश भर के सरकारी और निजी इंजीनियरिंग कालेजों से बीटेक, बीई की डिग्री लेकर बाहर निकलने वालों में से सिर्फ 40 फीसदी छात्रों को ही नौकरी मिल पाती है, जबकि 60 फीसदी युवाओं के हाथ बेरोजगारी ही लगती है।
AICTE की रिपोर्ट में कहा गया कि देश में हर साल आठ लाख छात्र बीटेक की डिग्री लेते हैं। इसमें 3.2 लाख छात्रों को ही रोजगार मिलता है, जबकि 4.8 लाख युवा बेरोजगार रह जाते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि देश में 3200 से अधिक संस्थाएं समर इंटर्नशिप कराती हैं लेकिन मात्र 15 फीसदी इंजीनियरिंग छात्र इसमें हिस्सा लेते हैं। इस पर रिपोर्ट बीबीएस इंजीनियरिंग के निदेशक डॉ. सीपी सिंह ने कहा कि यह तकनीकी संस्थानों के लिए चेतावनी है।
चालू दौर में इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर साइंस को छोड़ दिया जाए तो दूसरी ब्रांच के युवाओं के लिए नौकरी के अवसर कम हैं। उन्होंने बताया कि सिविल, मैकेनिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स वालों को अपनी ब्रांच में नौकरी नहीं मिल रही है। बताया कि टूजी स्कैम से पहले इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों में नौकरी मिल रही थी, सिविल, मैकेनिकल वालों को टावर आदि बनाने के काम में लगाया जाता था, अब वह भी बंद हो गया है।