जिस तरह अन्य ग्लोबल यूनिवर्सिटी में अलग-अलग देशों से छात्र पढ़ने आते हैं, उसी तरह शिमला यूनिवर्सिटी में भी 20 से अधिक देशों से छात्र अलग-अलग प्रकार के कोर्स करने आते हैं। अलग-अलग भाषाएं बोलने वाले छात्र और विभिन्न धर्मों को मानने वाले छात्र जब एक कैंपस में होते हैं तो कैंपस की रौनक देखने वाली होती है।
शिक्षा हमें सिखाती है कि सभी बराबर हैं और परस्पर सम्मान के हकदार हैं, इसी सीख को आगे बढ़ाते हुए एपी गोयल शिमला यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले विदेशी छात्र एक परिवार की तरह ही रहते हैं।
यूनिवर्सिटी में दूर देशों से छात्र अपनी किस्मत संवारने आते हैं। शिमला यूनिवर्सिटी आर्ट्स, साइंस, कॉमर्स के कोर्स उपलब्ध कराती है जिसमें छात्र स्नातक, स्नातकोत्तर या एमबीए करते हैं। यूनिवर्सिटी में कई सारे कोर्सेज के विकल्प मौजूद हैं। हालांकि यूनिवर्सिटी बहुत पुरानी नहीं है। वर्ष 2012 में इसकी शुरुआत हुई पर कुछ ही वर्षों में इसकी पहचान और नाम विदेशों तक पहुंच चुकी है।
जिसकी वजह है कि ये संस्थान वो सिखाता है जिसकी जरूरत प्रोफेशनल लाइफ में सफल होने के लिए किसी छात्र को हो सकती है। साथ ही, अच्छे संबंधों द्वारा इंडस्ट्री में बेहतरीन पकड़ यूनिवर्सिटी को फायदा पहुंचाती है।
श्रीलंका और अफगानिस्तान, इरान और ईराक भौगौलिक नजरिए से भारत के नजदीक हैं। चीन, कंबोडिा और भूटान भी भारत के पड़ोसी देश हैं। दूर देश अफ्रीका के इथियोपिया, सूडान, तंजानिया और नाइजीरिया से भी छात्र एजीयू में पढ़ने आते हैं। ये सिर्फ कुछ प्रतिनिधि देशों के नाम हैं, अन्य लगभग 20 देशों से अलग-अलग नागरिकता वाले छात्र एजीयू में पढ़ने आते हैं जो कि उनके लिए एक दूसरे घर की तरह ही है।