Career Options: गूगल, फोर्ड, टेस्ला, उबर जैसी कंपनियां इसमें भारी निवेश कर रही हैं, ऐसे में ऑटोमैटिक ड्राइविंग से जुड़े कुशल पेशेवरों की मांग बढ़ने वाली है।
Career Options: भारत में स्वचालित वाहनों (ऑटोमैटिक व्हीकल) का उद्योग तेजी से बढ़ रहा है, जबकि विदेश में तो यह पहले ही काफी प्रगति कर चुका है। गूगल, जीएम, फोर्ड, टेस्ला, उबर और दुनिया भर की कई कंपनियां इस उद्योग में भारी निवेश कर रही हैं, ऐसे में ऑटोनॉमस व्हीकल्स इंडस्ट्री में कुशल पेशेवरों की मांग भी बढ़ने वाली है। इस उद्योग में स्वचालित ड्राइविंग के तहत किसी वाहन को विभिन्न सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन और सिमुलेशन तथा एआई की मदद से संचालित किया जाता है। अगर आप भी तकनीकी, रोबोटिक्स या ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग में रुचि रखते हैं, तो स्वचालित वाहनों से जुड़े कॅरिअर की ओर रुख करना अच्छा विकल्प है। इसमें इंजीनियर, डाटा वैज्ञानिक, डिजाइनर और नीति विशेषज्ञ जटिल चुनौतियों से निपटने के लिए एक साथ काम करते हैं।
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कोडिंग कौशल
इस क्षेत्र में कॅरिअर बनाने के लिए आपको पायथन, लिनक्स और सी++ आदि के साथ मजबूत कोडिंग कौशल सीखना होगा। ऐसा आप विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या यू-ट्यूब चैनल के माध्यम से कर सकते हैं। गणित, खासकर एप्लीकेशन मैट्रिसेस, रैखिक बीजगणित और कैलकुलस, साथ ही भौतिकी पर मजबूत पकड़ अतिरिक्त लाभ के रूप में काम आएगी।
कोर्सेज
आप आईआईटी, कानपुर (tinyurl.com/2xkb8xby) से 'ऑटोनॉमस व्हीकल एंड एडीएएस' में ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते है। इसे मैकेनिकल और ओटोमोटिव इंजीनियरिंग, आईटीआई तथा डिप्लोमा करने वाले छात्रों के लिए डिजाइन किया गया हैै। इसके अलावा आप आईआईआईटी, दिल्ली के ऑटोनॉमस ड्राइविंग में प्रोजेक्ट बेस्ड कोर्स, एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के मेट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग जैसे कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। आप चाहें तो कोर्सेरा, एडेक्स, उडेमी और उडासिटी जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध विभिन्न स्वचालित ड्राइविंग और वाहनों से जुड़े कोर्स का रुख भी कर सकते हैं।
स्नातक के साथ करें इंटर्नशिप
बारहवीं करने वाले छात्र जेईई मेन, जेईई एडवांस्ड, सीयूईटी आदि के जरिये बीटेक और बीएससी डिग्री कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं। यदि आप पहले से ही स्नातक कर रहे हैं, तो टाटा मोटर्स, महिंद्रा और इंफोसिस की समर इंटर्नशिप से जुड़कर मोबिलिटी, ड्यूल व्यू, आईपॉड कनेक्टिविटी और रोबोटिक्स जैसे कौशल विकसित कर सकते हैं। इससे आप एक नेटवर्क बनाने के अलावा स्वचालित ड्राइविंग के तकनीकी कौशल भी सीख पाएंगे।
भारत के साथ विदेश में गूगल, जीएम, फोर्ड और टेस्ला जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में नौकरी करने के अलावा खुद का स्टार्टअप भी शुरू किया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले यह निर्धारित करना आवश्यक है, कि ऑटोनॉमस ड्राइविंग में क्या विशेष किया जा सकता है। आप स्वचालित वाहनों के महत्वपूर्ण आवश्यकताओं की जांच करके शुरुआत कर सकते हैं।