अगर कोई छात्र बीए करना चाहता है तो लिंक से यह पता चल जाएगा कि बीए की डिग्री वह किस-किस क्षेत्र में ले सकता है। इसमें बीए के 14 क्षेत्र दिए गए हैं। इसी तरह ग्रेजुएशन की विभिन्न डिग्रियां एक क्लिक में उसके सामने आ जाएंगी। इसके साथ ही आईटीआई से लेकर जेईई समेत विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं आदि की पूरी जानकारी उसे मिल जाएगी।
परीक्षाएं कब होती हैं? संबंधित कोर्स की अधिक जानकारी के लिए वह किस वेबसाइट पर जाए आदि पूरा ब्यौरा उपलब्ध रहेगा। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के मॉडल पेपर भी लिंक पर अपलोड किए गए हैं। इन पेपरों के माध्यम से परीक्षा के प्रश्नों की प्रकृति को समझा जा सकता है।
ऐसे जाएं लिंक पर
एससीईआरटी के पोर्टल
www.scertuk.gov.in पर जाकर कैरियर काउंसलिंग एंड गाइडेंस लिंक से जिज्ञासा पर जाएं।
स्कूलों में हर शनिवार को होगी काउंसलिंग
विद्यालयी शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने बताया कि प्रत्येक शनिवार को स्कूलों में लिंक की सामग्री पर चर्चा होगी। कक्षा 9 से 12 के बच्चों की कैरियर काउंसलिंग होगी। इसके लिए नोडल अधिकारी नियुक्त होगा। इसके संचालन अभिलेखों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संबंधित प्रधानाचार्य की होगी। अगर कहीं नेट की समस्या है तो हार्ड कॉपी में सामग्री डाउनलोड कर लें। इस संबंध में एससीईआरटी प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को प्रशिक्षण देगा।
छात्र-छात्राओं ने दी थी अफसरों को सलाह
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्देश पर जब आईएएस अधिकारी स्कूलों के निरीक्षण के लिए गए थे तो छात्र-छात्राओं ने उन्हें यह दिक्कत बताई थी। उनका कहना था कि उन्हें पता नहीं रहता कि इंटर के बाद किसी कोर्स में प्रवेश लें, कौन सा कैरियर चुनें? प्रतियोगी परीक्षाओं के संबंध में जानकारी कहां से लें। छात्राओं ने यह दिक्कत सचिव विद्यालयी शिक्षा डॉ. भूपिंदर कौर औलख को भी बताई थी।
उपलब्ध सेवाएं
-कला, विज्ञान एवं वाणिज्य विषय क्षेत्रों के अंतर्गत रोजगार संभावनाओं से अवगत कराना
-विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के संबंध में जानकारी
-balsakhascertuk@gmail.com के माध्यम से छात्रों, अध्यापकों द्वारा सहायता संपर्क
-परीक्षाओं के लिए स्व परीक्षण सुविधा
कार्यक्रम से लाभ
-प्रतियोगिताओं के लिए एक ही पोर्टल सभी सूचनाएं आसानी से प्राप्त होंगी
-प्रतियोगी परीक्षाओं की तिथियां, अर्हता आदि की जानकारी मिलेगी
-अध्यापकों और विद्यार्थियों का संवेदीकरण
-सामग्री को डाउनलोड करके दूसरे स्थानों पर देखना संभव
-गुणवत्ता परक शिक्षा के वातावरण सृजन में सहायक