सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई के जवाब के बाद उसके खिलाफ दायर अवमानना की याचिका का सोमवार को निस्तारण कर दिया। सीबीएसई ने कोर्ट को बताया कि वह अभ्यर्थी को सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत दो रुपये प्रति पेज देकर उत्तर पुस्तिका की प्रति देने को तैयार है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायाधीश एस के कौल और न्यायाधीश केएम जोसफ की बेंच ने की।
पीठ ने उस अवमानना याचिका का निस्तारण किया जिसमें दावा किया गया है कि सीबीएसई आरटीआई के तहत उत्तर-पुस्तिकाएं देने के लिए विद्यार्थियों से अत्यधिक शुल्क वसूल रहा है और अदालत के आदेश की अवहेलना कर रहा है।
युवा वकीलों के संगठन व्हिसल फॉर पब्लिक इंट्रेस्ट (व्हिप) ने अवमानना याचिका दाखिल की थी। व्हिप ने आरोप लगाया गया था कि सीबीएसई दसवीं के विद्यार्थियों से उत्तर-पुस्तिकाओं की प्रति के लिए और पुनर्मूल्यांकन के लिए 1000 रुपये और 12वीं कक्षा के बच्चों से 1200 रुपये मांग रहा है।