दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' को पत्र लिखकर सीबीएसई की शेष परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि सीबीएसई की शेष परीक्षाओं के लिए भवनों का इस्तेमाल करना और सभी पात्र विद्यार्थी परीक्षा दे सकें इस बात को सुनिश्चित करना मुश्किल है। उनका कहना है कि शेष परीक्षाओं का रिजल्ट आतंरिक मूल्यांकन के आधार पर तैयार किया जा सकता है।
बता दें कि सीबीएसई बोर्ड की शेष परीक्षाएं जुलाई से आयोजित होनी है। बोर्ड की दसवीं और बारहवीं कक्षा की शेष परीक्षाएं एक जुलाई से 15 जुलाई के बीच आयोजित होनी है। ऐसे में मनीष सिसोदिया ने एचआरडी मंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि यह सुनिश्चित करना मुश्किल है कि सभी विद्यार्थी परीक्षा दे पाएं। उन्होंने इन शेष परीक्षाओं को रद्द करने की मांग के साथ ही कहा है कि इन विषयों का रिजल्ट स्कूल में हुए पहले के आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर तैयार किया जा सकता है। इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने भी सीबीएसई से शेष परीक्षाओं को लेकर अगले मंगलवार तक अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। कोर्ट ने सीबीएसई से इस बात पर गौर करने के लिए कहा था कि क्या बोर्ड की शेष परीक्षाएं रद्द हो सकती हैं। कोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई के दौरान यह बात कही थी।
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सीबीएसई कुल 29 विषयों की परीक्षा कराएगी। इनमें से 6 विषय की परीक्षा उत्तर पूर्वी दिल्ली में दसवीं के विद्यार्थियों के लिए होगी। दसवीं की परीक्षा सिर्फ उत्तर पूर्वी दिल्ली में ही होगी क्योंकि यहां दंगे की वजह से विद्यार्थियों की परीक्षा रद्द हो गई थी। जबकि सीबीएसई की बारहवीं कक्षा की शेष परीक्षा पूरे देश में आयोजित होगी।