टीएमसीपी के प्रदेश अध्यक्ष त्रिनांकुर भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि, “यह केवल एक अकादमिक निर्णय नहीं है, बल्कि एक राजनीतिक चाल है। विश्वविद्यालय की कार्यवाहक कुलपति डॉ. संता दत्ता की नियुक्ति केंद्र की भाजपा सरकार के दबाव में की गई थी और अब वह हमारी रैली को असफल करने की कोशिश कर रही हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि बीकॉम सेमेस्टर-4 और बीए-एलएलबी सेमेस्टर-4 की परीक्षा का समय दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक रखा गया है, जो छात्रों को कार्यक्रम में शामिल होने से रोकने के इरादे से किया गया प्रतीत होता है।
VC का जवाब- ‘राजनीति से नहीं, शिक्षा से जुड़ा है निर्णय’
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कार्यवाहक कुलपति डॉ. संता दत्ता ने साफ किया कि परीक्षा कार्यक्रम पूरी तरह से शैक्षणिक कैलेंडर, राज्य सरकार की छुट्टियों और अन्य शैक्षणिक प्रतिबद्धताओं को ध्यान में रखते हुए तय किया गया है।
उन्होंने कहा, “अगर हमें किसी एक संगठन (जैसे टीएमसीपी) के राजनीतिक कार्यक्रमों के आधार पर परीक्षा कार्यक्रम बदलना पड़े, तो अन्य संगठनों के कार्यक्रमों पर भी विचार करना होगा, जो व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।”
ज्ञात हो कि डॉ. संता दत्ता को 2023 में राज्यपाल सी वी आनंद बोस द्वारा कार्यवाहक कुलपति नियुक्त किया गया था, जब पूर्व कुलपति सोनाली चक्रवर्ती बनर्जी पर नियुक्ति में अनियमितताओं के आरोप लगे थे।