Budget 2023-24: भारत सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में बजट पेश किया। इस बजट में उच्च शिक्षा को लेकर बड़ी घोषणाएं भी की गई हैं। शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग को 68,804.85 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि उच्च शिक्षा विभाग को 44,094.62 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
2023-24 वित्तीय वर्ष में, केंद्र सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में 1.12 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च करने की योजना बनाई है। अगले वित्तीय वर्ष के लिए शिक्षा मंत्रालय का परिव्यय 1,12,898.97 करोड़ रुपये है, जो चालू वित्त वर्ष के संशोधित अनुमानों से काफी अधिक है। वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2014 से स्थापित मौजूदा 157 मेडिकल कॉलेजों के साथ सह-स्थानिक 157 नये नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जाएंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2047 तक सिकल से एनीमिया का उन्मूलन करने के लिए एक मिशन की शुरुआत की जाएगी। इसमें प्रभावित जनजातीय क्षेत्रों में जागरूकता सृजन, 0.40 वर्ष के आयुवर्ग के 7 करोड़ लोगों की व्यापक जांच और केन्द्रीय मंत्रालयों तथा राज्य सरकारों के सहयोगात्मक प्रयासों के माध्यम से परामर्श का कार्य किया जाएगा। सहयोगात्मक अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए चुनिंदा आईसीएमआर प्रयोगशालाओं की सुविधाएं सरकारी तथा निजी मेडिकल कॉलेज संकाय एवं निजी क्षेत्र के अनुसंधान और विकास दलों को अनुसंधान के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।
वित्त मंत्री ने बताया कि फार्मास्यूटिकल्स में अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए उत्कृष्टता केन्द्रों के माध्यम से एक नया कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार विशिष्ट प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में अनुसंधान तथा विकास में निवेश के लिए उद्योगों को भी प्रोत्साहित करेगी।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए उत्कृष्टता केन्द्र
वित्त मंत्री ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता को भारत में बनाएं और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से भारत के लिए कार्य कराएं के विजन को साकार करने के लिए, देश के शीर्ष शैक्षिक संस्थानों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए तीन उत्कृष्टता केन्द्र स्थापित किए जाएंगे। अग्रणी उद्योगपति कृषि, स्वास्थ्य और संधारणीय शहरों के क्षेत्रों में बहुविषयक अनुसंधान कराने, अत्याधुनिक एप्लीकेशन तैयार करने और मापनीय समस्याओं के समाधान तैयार करने में सहभागी होंगे। इससे कृत्रिम बुद्धिमत्ता के कारगर इकोसिस्टम को प्रेरित करने और इस क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधनों को प्रशिक्षित किया जा सकेगा।