बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB - Bihar School Education Board) द्वारा बिहार बोर्ड मैट्रिक 2020 परीक्षा सोमवार, 17 फरवरी 2020 से शुरू हुई है। इस बार बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा में करीब 15.29 लाख विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं। लेकिन शिक्षक हड़ताल पर हैं।
बीएसईबी द्वारा मैट्रिक परीक्षा का आयोजन राज्य के 1368 केंद्रों पर किया जा रहा है। परीक्षा दो पालियों में संचालित की जाएगी। पहली पाली सुबह 9.30 बजे से दोपहर 12.15 बजे तक जबकि दूसरी पाली दोपहर 1.45 बजे से दोपहर 4.30 बजे तक होगी। पहले दिन विज्ञान विषय की परीक्षा है।
लेकिन इनसब से बेपरवाह शिक्षकों ने हड़ताल का एलान कर दिया। ये शिक्षक कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे हैं और समान वेतन व सेवा शर्तों की मांग पर अड़े हैं। परीक्षा बिना किसी बाधा के संचालित हो सके और विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ न हो, इसके लिए शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा ने शिक्षकों से अपील भी की।
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इसके अलावा शिक्षा विभाग ने ये भी आदेश जारी किया है कि अगर हड़ताल के कारण परीक्षा में किसी तरह की बाधा डालने का प्रयास किया गया, तो दोषियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कर उन्हें निलंबित या बर्खास्त किया जा सकता है। सरकार का कहना है कि परीक्षा के आयोजन के लिए वैकल्पिक इंतजाम किए गए हैं। पर्यवेक्षक, पंचायत सचिव, कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार आदि की सेवा ली जाएगी। हड़ताल का असर परीक्षा पर नहीं पड़ेगा।
इधर 28 शिक्षक संघों की ओर से बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के सलाहकार शिशिर कुमार पांडेय का कहना है कि सोमवार से ही शिक्षक अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर रहेंगे। उनका दावा है कि राज्यभर में प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक के करीब 76 हजार स्कूलों में पढ़ाई नहीं कराई जाएगी।
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