बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से वर्ष 2026 में आयोजित 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं से जुड़े दस्तावेजों को डिजिलॉकर पर उपलब्ध कराने की पहल की गई है। इसके तहत विद्यार्थियों को अपनी मार्कशीट और प्रमाणपत्र डिजिटल माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, वर्ष 2026 में हुई परीक्षाओं के अंकपत्र और प्रमाणपत्र जल्द ही डिजिलॉकर पर उपलब्ध कराए जाएंगे। विद्यार्थियों को दस्तावेज जारी होने के बाद डिजिलॉकर के माध्यम से उन्हें प्राप्त करने का विकल्प मिलेगा। दस्तावेज उपलब्ध होने के बाद विद्यार्थी उन्हें अपने डिजिटल खाते में देख और सुरक्षित रख सकेंगे।
विद्यार्थियों को क्या फायदा होगा?
डिजिटल दस्तावेज उपलब्ध होने से विद्यार्थियों के लिए अपने शैक्षणिक रिकॉर्ड को सुरक्षित रखना आसान होगा। डिजिलॉकर पर उपलब्ध दस्तावेज को आवश्यकता के समय देखा जा सकता है। इससे दस्तावेज खो जाने, खराब होने या उनकी प्रमाणिकता को लेकर होने वाली परेशानियों को कम करने में मदद मिल सकती है।
उच्च शिक्षा में कैसे मिलेगी मदद?
10वीं और 12वीं के अंकपत्र तथा प्रमाणपत्र विद्यार्थियों के लिए आगे की पढ़ाई में महत्वपूर्ण दस्तावेज होते हैं। उच्च शिक्षा में प्रवेश, छात्रवृत्ति, नौकरी और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं के दौरान इन दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ सकती है। डिजिटल रूप में दस्तावेज उपलब्ध होने से विद्यार्थी जरूरत के समय उन्हें आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।
डिजिलॉकर पर दस्तावेज कैसे मिलेंगे?
- विद्यार्थियों को सबसे पहले डिजिलॉकर की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल एप पर जाना होगा।
- इसके बाद आधार से जुड़े मोबाइल नंबर की मदद से डिजिलॉकर खाते में प्रवेश या पंजीकरण करना होगा।
- खाता खुलने के बाद जारी किए गए दस्तावेज या संबंधित दस्तावेज खोजने वाले विकल्प पर जाना होगा।
- दस्तावेज खोजते समय विद्यार्थियों को जारीकर्ता संस्था के रूप में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति का चयन करना होगा।
- इसके बाद संबंधित दस्तावेज की श्रेणी में जाकर आवश्यक जानकारी भरनी होगी।
- तस्वीर में दी गई जानकारी के अनुसार, विद्यार्थी कक्षा 10वीं या 12वीं का दस्तावेज चुनकर जरूरी विवरण दर्ज कर सकते हैं।
कौन सी जानकारी दर्ज करनी होगी?
दस्तावेज प्राप्त करने के लिए विद्यार्थी को अपनी कक्षा, आवश्यक विवरण, रोल नंबर और वर्ष 2026 जैसी जानकारी दर्ज करनी होगी। विवरण जमा करने के बाद उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर संबंधित मार्कशीट या प्रमाणपत्र डिजिलॉकर खाते में दिखाई दे सकता है। दस्तावेज मिलने के बाद विद्यार्थी उसे अपने खाते में सुरक्षित रख सकते हैं।
क्या दस्तावेज प्रमाणिक होंगे?
डिजिलॉकर पर उपलब्ध डिजिटल दस्तावेज विद्यार्थियों को शैक्षणिक रिकॉर्ड का डिजिटल रूप प्रदान करते हैं। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इस पहल के प्रमुख लाभों में दस्तावेजों की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने और उन्हें जरूरत के समय आसानी से उपलब्ध कराने को रेखांकित किया है। विद्यार्थी किसी भी प्रक्रिया में दस्तावेज स्वीकार किए जाने संबंधी शर्तों को संबंधित संस्थान से जरूर जांच लें।