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बीएससी नर्सिंग में दाखिले का एक और मौका: कम पर्सेंटाइल पर भी भर सकेंगे खाली सीटें, जानें किसे मिलेगी राहत

Tue, 03 Nov 2026 10:51 AM IST
शिवम तिवारी एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

बीएससी नर्सिंग में दाखिले की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए राहत की खबर है। इंडियन नर्सिंग काउंसिल ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में खाली सीटें भरने के लिए प्रवेश परीक्षा की न्यूनतम पर्सेंटाइल घटाने पर सहमति दी है। इससे कम अंक वाले अभ्यर्थियों को भी दाखिले का अवसर मिल सकता है। हालांकि, प्रवेश परीक्षा देना अनिवार्य होगा। नई पर्सेंटाइल की जानकारी जल्द जारी होगी।
 
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BSc Nursing Admission 2026-27 - फोटो : AI Generated
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विस्तार
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बीएससी नर्सिंग में दाखिला लेने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए राहत की खबर है। इंडियन नर्सिंग काउंसिल ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में खाली सीटें भरने के लिए कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) की न्यूनतम पर्सेंटाइल घटाने पर सहमति दे दी है। इससे उन अभ्यर्थियों को फायदा मिल सकता है, जो प्रवेश परीक्षा में जरूरी पर्सेंटाइल हासिल नहीं कर पाए थे। हालांकि, यह राहत केवल उन्हीं उम्मीदवारों को मिलेगी, जिन्होंने इस सत्र की प्रवेश परीक्षा दी है। जिन अभ्यर्थियों ने परीक्षा नहीं दी है, उन्हें इस फैसले के आधार पर सीधे दाखिला नहीं मिलेगा।

क्यों लिया गया यह फैसला?

इंडियन नर्सिंग काउंसिल के मुताबिक, अलग-अलग राज्यों से बीएससी नर्सिंग की खाली सीटों को लेकर आवेदन मिले थे। राज्यों ने इन सीटों को भरने के लिए प्रवेश परीक्षा की न्यूनतम पर्सेंटाइल कम करने का अनुरोध किया था। इसके बाद काउंसिल ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए न्यूनतम पर्सेंटाइल घटाने पर सहमति दी है। इस फैसले का मकसद खाली सीटों को भरने के साथ योग्य अभ्यर्थियों को दाखिले का अवसर देना है। इससे उन उम्मीदवारों को राहत मिल सकती है, जो परीक्षा में शामिल हुए थे, लेकिन तय पर्सेंटाइल से कुछ पीछे रह गए थे।

पहले कितनी थी पर्सेंटाइल की शर्त?

मौजूदा नियमों के तहत बीएससी नर्सिंग प्रवेश परीक्षा में अलग-अलग वर्गों के लिए न्यूनतम पर्सेंटाइल तय की गई थी। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 50वीं पर्सेंटाइल जरूरी थी। सामान्य वर्ग के दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए यह सीमा 45वीं पर्सेंटाइल रखी गई थी। वहीं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 40वीं पर्सेंटाइल की शर्त थी। इन शर्तों को पूरा नहीं करने वाले उम्मीदवारों को दाखिले में परेशानी हो सकती थी। अब काउंसिल के फैसले से इन उम्मीदवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।

क्या बिना परीक्षा मिलेगा दाखिला?

काउंसिल के इस फैसले का मतलब यह नहीं है कि कोई भी अभ्यर्थी बिना प्रवेश परीक्षा दिए बीएससी नर्सिंग में दाखिला ले सकेगा। राहत केवल उन उम्मीदवारों के लिए है, जिन्होंने शैक्षणिक सत्र 2026-27 की प्रवेश परीक्षा में हिस्सा लिया है। यानी परीक्षा देना अब भी जरूरी रहेगा। जिन अभ्यर्थियों ने परीक्षा नहीं दी है, वे इस छूट का लाभ नहीं उठा सकेंगे। ऐसे में उम्मीदवारों को यह समझना होगा कि न्यूनतम पर्सेंटाइल में छूट का लाभ केवल परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों को ही मिल सकता है। दाखिले की दूसरी शर्तें भी लागू रहेंगी।

नई पर्सेंटाइल कितनी होगी?

इंडियन नर्सिंग काउंसिल ने न्यूनतम पर्सेंटाइल घटाने पर सहमति तो दे दी है, लेकिन उपलब्ध जानकारी में संशोधित पर्सेंटाइल का वर्गवार ब्योरा नहीं दिया गया है। यानी सामान्य, दिव्यांग, एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के लिए अब कितनी पर्सेंटाइल तय होगी, इसकी जानकारी सामने आना बाकी है। अभ्यर्थियों को सलाह है कि वे काउंसिल और संबंधित राज्य की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होने वाली नई सूचना पर नजर रखें। दाखिले से पहले संशोधित पात्रता शर्तें जरूर जांच लें, ताकि आवेदन और प्रवेश प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो।
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