ब्रिटेन के यूरोपीय यूनियन (ईयू) से अलग होने के फैसले का उन विदेशी छात्रों पर कोई विशेष असर नहीं पड़ा है जो कि लंदन में आकर पढ़ाई करने का मन बना रहे हैं। इस हालिया सर्वे में इस बात की जानकारी मिली।
स्टुडेंट रिक्रूटमेंट एंड रिटेंशन सॉल्यूशन कंपनी हॉब्सॉन द्वारा इस साल जनवरी और फरवरी में इंटरनेशनल स्टुडेंट सर्वे आयोजित किया गया था। सर्वे में ऐसे 27,955 छात्रों को शामिल किया गया जो ब्रिटेन में पढ़ाई करने का मन बना रहे थे।
इसके मुताबिक इन छात्रों द्वारा यूनिवर्सिटी, कोर्स और पढ़ाई के लिए देश का चुनाव करने के लिए उच्च स्तरीय पढ़ाई ही एकमात्र महत्वपूर्ण कारक रहा। सर्वे के अनुसार इन छात्रों में से 68.5 प्रतिशत छात्रों पर ब्रेक्जिट के चलते उनके लंदन में पढ़ने के फैसले में कोई बदलाव नहीं हुआ जबकि 12.7 प्रतिशत छात्र ऐसे भी थे जो कि ब्रिटेन में पढ़ने के कम इच्छुक थे। जबकि 11.3 प्रतिशत छात्रों के मुताबिक ब्रेक्जिट के बाद वह लंदन में पढ़ने को ज्यादा इच्छुक थे।