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माध्यमिक शिक्षा बोर्ड: मध्यप्रदेश और गुजरात ने 12वीं की परीक्षाएं रद्द करने का किया एलान

Thu, 03 Jun 2021 05:03 AM IST
Kuldeep Singh एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद

सार

  • गुजरात सरकार ने हाल ही में घोषणा की थी कि 12वीं परीक्षाएं कोविड प्रोटोकॉल के बीच 1 जुलाई से होगी।
  • मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस साल 12वीं की परीक्षा रद्द किए जाने का निर्णय लिया गया है।
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विस्तार
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कोरोना महामारी के मद्देनजर विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते बुधवार को गुजरात सरकार ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर दीं। वहीं, मध्यप्रदेश ने भी मध्यप्रदेश बोर्ड की 12वीं की परीक्षाएं रद्द करने का एलान किया है।

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बता दें, केंद्र की ओर से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और भारतीय विद्यालय प्रमाणपत्र परीक्षा परिषद (सीआईसीएसई) की 12वीं की परीक्षाएं रद्द करने के फैसले के बाद अब राज्य सरकारों में भी बोर्ड परीक्षाओं पर मंथन शुरू हो गया है। इसबीच, पश्चिम बंगाल में इस पर मंथन जारी है।

गुजरात सरकार ने हाल ही में घोषणा की थी कि 12वीं परीक्षाएं कोविड प्रोटोकॉल के बीच 1 जुलाई से होगी। गांधीनगर में कैबिनेट की बैठक के बाद राज्य के शिक्षामंत्री भूपेंद्र सिंह चूड़ासमा ने कहा, कोरोना महामारी के मद्देनजर गुजरात माध्यमिक उच्च शिक्षा बोर्ड ने 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। केंद्र के सीबीएसई 12वीं की परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले को ध्यान में रखकर ही यह निर्णय लिया गया है। राज्य में करीब  सात लाख विद्यार्थी परीक्षा में बैठने वाले थे।
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इधर, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस साल 12वीं की परीक्षा रद्द किए जाने का निर्णय लिया गया है। राज्य सरकार ने दसवीं की परीक्षा पहले ही रद्द कर दी है। मुख्यमंत्री ने एक वीडियो जारी कर कहा कि विद्यार्थियों का स्वास्थ्य हमारे लिए कीमती है। कैरियर पर हम बाद में ध्यान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान बच्चों पर मानसिक दबाव बनाना उचित नहीं है।

छात्र हितैषी निर्णय लें राज्य सरकारें: प्रियंका

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने सीबीएसई की तरह ही सभी राज्य सरकारों से 12वीं की परीक्षा पर छात्र हितैषी निर्णय लेने की अपील की। उन्होंने कहा, सीबीएसई की तरह राज्य बोर्डों को भी छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों की बात सुनकर 12वीं की परीक्षा के संदर्भ में छात्र हितैषी निर्णय लेना चाहिए। मेरी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से अपील है कि अपने निर्णयों में छात्रों की आवाज और उनके स्वास्थ्य की रक्षा को महत्व दें।

परीक्षा रद्द करने का पीएम का फैसला ऐतिहासिक: निशंक
केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बुधवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षा रद्द करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने कोरोना महामारी के मद्देनजर छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनके हित में फैसला किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की हमेशा से यह सोच रही है छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
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बीसीआई ने कानून के छात्रों के लिए परीक्षा का पैनल किया गठित  

भारतीय विधिज्ञ परिषद (बीसीआई) ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर एलएलबी छात्रों के लिए परीक्षा और मूल्यांकन की पद्धति तय करने के लिए एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है।

शीर्ष बार निकाय ने कहा कि समिति का गठन देश भर के कई छात्रों के अनुरोध के मद्देनजर किया गया है, जिसमें विधि संकाय, दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के 273 छात्र भी शामिल हैं। देश में कानूनी शिक्षा के नियामक बीसीआई ने कहा कि उसने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति गोविंद माथुर की अध्यक्षता में 12 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन करने का फैसला लिया है।

विधि संकाय, डीयू के 273 छात्रों सहित कानूनी शिक्षा के कई संस्थानों के छात्रों ने ईमेल भेजा था, जिनमें अनुरोध किया गया है कि एक समग्र योजना के माध्यम से यूजीसी दिशानिर्देश के अनुसार एलएलबी मध्यवर्ती मूल्यांकन और प्रोन्नति प्रक्रिया आयोजित की जानी चाहिए यानी उसमें 50 प्रतिशत आंतरिक मूल्यांकन और 50 प्रतिशत अंक पिछले प्रदर्शन के आधार पर निर्धारित किए जाने चाहिए।
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