अंतिम प्रश्नों से करें शुरुआत
प्रश्न पत्र के अंत में अक्सर जटिल और अधिक अंक वाले प्रश्न होते हैं। पीछे से हल करने पर आप पहले बड़े और अधिक अंक वाले सवालों को कवर कर लेते हैं और अंत में कम समय में छोटे सवाल हल कर सकते हैं। यह आपको ज्यादा स्कोर करने में मदद करता है।
अधिक नंबर वाले प्रश्नों को करें पिक
अधिक नंबर के प्रश्न ज्यादा वेटेज रखते हैं, इसलिए सही उत्तर लिखने पर आपके कुल अंक तेजी से बढ़ते हैं। अधिक एक अच्छे उत्तर के जरिए आप बड़ी संख्या में अंक अर्जित कर सकते हैं।
बहुविकल्पीय प्रश्नों को ऐसे करें हल
वैकल्पिक प्रश्नों में प्रश्नों के अंक निर्धारित होते हैं। गलत उत्तर के लिए पूरे अंक काटे जाते हैं। ऐसे में छात्रों को जो प्रश्न आते हैं उन्हें उसका ही जवाब देना चाहिए। कई छात्रों को जो प्रश्न नहीं आते हैं वे उसमें तुक्का लगाते हैं और तुक्का के आधार पर उत्तर देने के कारण आंसर गलत हो जाते हैं।
छात्र इन बातों का भी रखें ख्याल
हर प्रश्न को करें अटेम्प्ट
हम सब जानते हैं कि बोर्ड परीक्षा में गलत उत्तर के लिए कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होती तो आप उन सभी प्रश्नों के उत्तर भी जरूर लिखें जिनके बारे में आपको थोड़ी बहुत आईडिया हो। ऐसे प्रश्न को सबसे पहले ध्यान से पढ़ें और जरूरत हो तो एक बार फिर पढ़ें।
आंसर शीट को सजाने में समय न करें बर्बाद
अक्सर देखा गया है कि ज्यादातर विद्यार्थियों को पेपर हल करते समय अपनी आंसर शीट को रंग-बिरंगे तरीके से सजाने की आदत होती है जिसमें वे नीले, काले, हरे सभी रंगों का इस्तेमाल करते हुए प्रश्न को अलग रंग, हैडलाइन को अलग रंग या अन्य पॉइंस्ट को अलग रंग से लिखते हैं। ऐसा करने वाले विद्यार्थी इस बात का ध्यान रखें कि इससे आपका समय बर्बाद होगा। आप उस दौरान बचे हुए प्रश्नों के उत्तरों को सोच कर लिख सकते हैं।
हर उत्तर में स्पेस जरूर छोड़ें
उत्तर लिखते समय इस बात पर खास ध्यान दें कि आप हर दो शब्दों के बीच उचित स्पेस ज़रूर छोड़ें। सभी 15-20 शब्दों को एक ही लाइन में दबा दबा कर लिखने की गलती न करें। इससे परीक्षक को ओवरलैप किए हुए शब्दों को पढ़ने में मुश्किल होगी जिसका सीधे असर आपके ग्रेड पर पड़ेगा।
उत्तर जरूरत से ज्यादा शब्दों में लिखने से बचें
परीक्षा देते समय इस बात का खास ध्यान रखें कि प्रत्येक उत्तर को लिखने के लिए उसकी मांग के अनुसार पर्याप्त शब्दों का ही उपयोग करें। उत्तरों में ऐसे पैराग्राफ कभी न लिखें जिनमें उस विषय की बात की गयी हो जिसके बारे में न तो प्रश्न में पूछा गया हो और न ही उसकी व्याख्या की मांग की गयी हो।