मुरादाबाद। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा शुरू होने में बहुत कम समय बचा है। परीक्षा की डेटशीट पहले ही जारी हो चुकी है। अब परीक्षार्थियों का पूरा ध्यान अपनी परीक्षा पर है। ऐसे में उनके सामने कई तरह की चुनौतियां भी हैं।
मुरादाबाद। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा शुरू होने में बहुत कम समय बचा है। परीक्षा की डेटशीट पहले ही जारी हो चुकी है। अब परीक्षार्थियों का पूरा ध्यान अपनी परीक्षा पर है। ऐसे में उनके सामने कई तरह की चुनौतियां भी हैं। ऐसे में फेल हो जाएंगे, परिणाम क्या होगा, यह सोचने के बजाय इन परीक्षाओं को एक उत्सव की तरह इसका आनंद लें। परीक्षाएं सिर्फ पूरे वर्ष के मूल्यांकन के लिए हैं। ऐसे में यदि आखिरी कोशिश अच्छे प्रदर्शन के लिए की जाएगी तो हो सकता है कि जितना आपने सोचा हो, उससे अधिक अंक आ जाएं। ये बातें अमर उजाला के पास आई विद्यार्थियों की परेशानियों का समाधान करते हुए मंडलीय मनोविज्ञान विभाग की अधिकारी रीना तोमर ने कही हैं।
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केस नंबर एक
चाऊ की बस्ती निवासी कक्षा दस की छात्रा का कहना है कि इतिहास विषय को याद करने में परेशानी हो रही है। जो भी याद करती है,उसे भूल जाती है। यह परेशानी काफी समय से हो रही है। अब तो इतिहास विषय को पढ़ते ही उदासीनता
महसूस होने लगती है।
एक्सपर्ट के सुझाव
इसके टॉपिक को कहानी या फिल्म की तरह याद करें।
एक तारीख से दूसरी तारीख से जोड़ने का प्रयास करें।
रात को 12 बजे तक पढ़ने के बजाय सुबह चार बजे से पढ़ना शुरू करें।
अपनी बड़ी बहन से संबंधित विषय की कहानी सुनें। जैसे 1857 की क्रांति को महारानी लक्ष्मीबाई की कहानी से जोड़कर याद करें।
केस नंबर दो
अमरोहा के हसनपुर के गांव भैंसरोली निवासी दसवीं के छात्र ने बताया कि मुझे हिंदी और अंग्रेजी विषय को याद करने में बहुत परेशानी हो रही है। डर लग रहा है कि कहीं फेल न हो जाऊं। दोस्त भी तरह-तरह की बातें करते हैं। ऐसे में कुछ भी समझ में नहीं आ रहा है कि मैं कैसे याद करूं।
एक्सपर्ट के सुझाव
मन से फेल होने की आशंका दूर करें।
अपना स्वयं का मूल्यांकन करें, प्रतिस्पर्धा के बजाय स्वस्पर्धा पर ध्यान दें।
यह दोनों भाषा के विषय हैं, इसलिए व्याकरण को समझने का प्रयास करें।
कविताओं और कहानियों को किसी के साथ संवाद करके याद करें।
केस नंबर तीन
गुन्नौर निवासी कक्षा 12 के छात्र ने बताया कि जैसे-जैसे परीक्षा का समय कम हो रहा है, उसका डर बढ़ता जा रहा है। भौतिक विज्ञान के सवालों को हल करने में बहुत परेशानी होती है। रात को याद हो जाता है, लेकिन सुबह जब सुनाने की कोशिश करता हूं तो भूल जाता हूं।