भाजपा सांसद वरुण गांधी ने मंगलवार को शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित को जेएनयू की नई कुलपति (वीसी) बनाने के फैसले पर तीखा हमला किया है। वरुण गांधी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर वीसी की प्रेस विज्ञाप्ति को साझा किया है और लिखा है कि इस विज्ञाप्ति में व्याकरण की गल्तियां निरक्षरता का प्रदर्शन है। इसमें व्याकरण संबंधी अशुद्धियों की भरमार है।
वरुण गांधी ने कहा कि संस्थानों में औसत दर्जे की नियुक्तियां हमारी मानव पूंजी और युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने का काम करती हैं। वरुण गांधी ने आगे कहा कि देश के विश्वविद्यालयों को सफल बनाने के लिए सही नेतृत्व की आवश्यकता है और इस तरह, अकादमिक दृष्टि, प्रमाणिकता या यहां तक कि संवाद करने की क्षमता में कमी के साथ किसी को नियुक्त करना निरक्षरता को दर्शाता है।
विवादास्पद ट्वीट पर निशाना
हमें सही मूल्यों और अनुशासन वाले नेतृत्व की जरूरत है, उनकी नहीं जो अपनी नियुक्ति के संबंध में पहली प्रेस विज्ञप्ति पर भी ढ़ंग से मेहनत नहीं कर सकते। जेएनयू जैसे महान संस्थान को सहानुभूति और संवेदनशीलता के साथ चलाने की आवश्यकता है। वरुण ने आगे कहा कुलपति के चयन के लिए अनुभव और अकादमिक गुण आवश्यक हैं न कि सोशल मीडिया रीट्वीट। वरुण का इशारा नई कुलपति के नाम से एक असत्यापित ट्विटर हैंडल की ओर था। कुछ समय पहले इससे कई विवादास्पद ट्वीट किए गए थे। हालांकि, इस हैंडल को वापस ले लिया गया था।
जेएनयू की पहली महिला कुलपति
केंद्र सरकार ने शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित को जेएनयू की नई कुलपति के रूप में नियुक्त किया है। वह इस विश्वविद्यालय की पहली महिला कुलपति है। शांतिश्री जेएनयू की एल्यूमिनी हैं, उन्होंने विश्वविद्यालय से एमफिल और अंतर्राष्ट्रीय संबंध में पीएचडी की है।