बिहार के सभी पारंपरिक विश्वविद्यालयों और उनसे संबद्ध कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रमों की खाली सीटों पर स्पॉट राउंड दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया मंगलवार से शुरू होगी। इसके लिए समर्थ पोर्टल पर आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इच्छुक विद्यार्थी निर्धारित अवधि में आवेदन कर सकेंगे। पटना विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय समेत अन्य विश्वविद्यालयों ने स्पॉट राउंड दाखिले को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
कितने विकल्प भर सकेंगे विद्यार्थी?
स्पॉट राउंड में आवेदन करने वाले विद्यार्थियों को अपनी पसंद के कई विकल्प चुनने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थी अधिकतम 10 कॉलेजों का विकल्प दे सकेंगे। इसके अलावा वे पांच विषयों के नए विकल्प भी चुन सकते हैं। आवेदन करने से पहले विद्यार्थियों को संबंधित विश्वविद्यालय में कॉलेजवार और विषयवार उपलब्ध रिक्त सीटों की जानकारी जरूर देख लेनी चाहिए। खाली सीटों का विवरण समर्थ पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा।
कौन कर सकता है आवेदन?
वे विद्यार्थी भी स्पॉट राउंड के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने पहले आवेदन किया था लेकिन किसी कॉलेज या पाठ्यक्रम में उनका दाखिला नहीं हो सका। पहले से पंजीकृत विद्यार्थी अपनी लॉगिन आईडी की मदद से आवेदन कर सकेंगे। ऐसे विद्यार्थियों से इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। विश्वविद्यालयों ने स्पष्ट किया है कि स्पॉट राउंड में किसी भी तरह के कोटे के आधार पर दाखिला नहीं दिया जाएगा।
मेरिट सूची कब आएगी?
स्पॉट राउंड के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र विद्यार्थियों की सूची जारी की जाएगी। विश्वविद्यालयों की ओर से जारी जानकारी के अनुसार पात्रता सूची अक्टूबर में जारी की जाएगी। विद्यार्थियों को अपने आवेदन, चुने गए कॉलेज और विषय से जुड़ी जानकारी ध्यान से भरनी होगी, ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी न हो।
पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय में क्या बदला?
पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय ने पांचवें सेमेस्टर के विद्यार्थियों की इंटर्नशिप को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसला लिया है। विश्वविद्यालय ने इंटर्नशिप से जुड़े पुराने समझौतों को रद्द कर दिया है। अब शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कॉलेजों को इंटर्नशिप की व्यवस्था नए सिरे से करनी होगी। इसके लिए कॉलेज स्तर पर संस्थानों के साथ समझौता करने की जिम्मेदारी तय की गई है।
इंटर्नशिप कहां करानी होगी?
विश्वविद्यालय ने निर्देश दिया है कि विद्यार्थियों को सबसे पहले उन्हीं संस्थानों में इंटर्नशिप कराई जाए, जो विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर सूचीबद्ध हैं। यदि किसी सूचीबद्ध संस्था के साथ विश्वविद्यालय का सीधा समझौता नहीं है, तो संबंधित कॉलेज के प्राचार्य और नए इंटर्नशिप समन्वयक को संस्था के साथ नया समझौता करना होगा।
कॉलेजों की क्या जिम्मेदारी होगी?
नया समझौता होने के बाद कॉलेजों को इसकी जानकारी विश्वविद्यालय को ईमेल के माध्यम से देनी होगी। अब विश्वविद्यालय के बजाय संबंधित कॉलेजों को अपने स्तर पर पांचवें सेमेस्टर के विद्यार्थियों की इंटर्नशिप के लिए संस्थानों से समन्वय करना होगा। इससे कॉलेजों की जिम्मेदारी बढ़ जाएगी और उन्हें विद्यार्थियों के इंटर्नशिप कार्यक्रम की व्यवस्था खुद करनी होगी।
इंटर्नशिप कब करानी होगी?
पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय ने यह भी निर्देश दिया है कि इंटर्नशिप छुट्टियों के दौरान कराई जाए। इसका उद्देश्य नियमित कक्षाओं में किसी तरह की बाधा को रोकना है। कॉलेजों को इंटर्नशिप की समय-सारणी इस तरह तैयार करनी होगी कि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। इस व्यवस्था के तहत कॉलेजों को विद्यार्थियों और संबंधित संस्थानों के साथ समय रहते समन्वय करना होगा।