पुराने रजिस्ट्रेशन और विकल्प अमान्य
जो उम्मीदवार पहले से आवेदन कर चुके हैं, उन्हें भी नए विकल्प भरना अनिवार्य है। यदि कोई उम्मीदवार संशोधित तिथियों में चॉइस फिलिंग नहीं करता है, तो उसे काउंसलिंग में सीट अलॉट नहीं की जाएगी।
प्राइवेट कॉलेजों में एडमिशन को लेकर अहम फैसला
बिहार नीट काउंसलिंग 2025 को कुछ समय के लिए इसलिए रोका गया था क्योंकि स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिया था कि प्राइवेट और सरकारी मेडिकल कॉलेजों की फीस एक जैसी होनी चाहिए। लेकिन अब यह स्पष्ट कर दिया गया है कि UGMAC 2025 के तहत प्राइवेट संस्थानों में 100% सीटों पर पिछले साल की तरह ही निर्धारित फीस पर एडमिशन होगा।
किन कोर्सेज के लिए हो रही है यह काउंसलिंग?
- MBBS (बैचलर ऑफ मेडिसिन, बैचलर ऑफ सर्जरी)
- BDS (बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी)
- BVSc & AH (पशु चिकित्सा और पशुपालन)