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11वीं-12वीं के छात्रों के लिए खुशखबरी: बिहार के 147 मॉडल विद्यालयों मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग, कैसे उठाएं लाभ?

Mon, 02 Nov 2026 02:59 PM IST
शिवम तिवारी एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

बिहार के 147 मॉडल विद्यालयों में कक्षा 11वीं और 12वीं के विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों को निःशुल्क ऑनलाइन संध्याकालीन कोचिंग दी जा रही है। स्मार्ट क्लासरूम, विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री विद्यार्थियों की पढ़ाई को बेहतर बनाने में मदद कर रहे हैं। जानें, इस सुविधा से विद्यार्थियों को कैसे लाभ मिल सकता है और उनकी पढ़ाई में क्या बदलाव आ सकता है। पढ़ें पूरी खबर विस्तार से।
 
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Bihar Model Schools - फोटो : AI Generated
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विस्तार
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बिहार के 147 मॉडल विद्यालयों में कक्षा 11वीं और 12वीं के विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों को निःशुल्क ऑनलाइन संध्याकालीन कोचिंग की सुविधा मिल रही है। इस व्यवस्था का मकसद विद्यार्थियों को स्कूल की पढ़ाई के साथ अतिरिक्त मार्गदर्शन देना है। कोचिंग के लिए विद्यार्थियों को कोई शुल्क नहीं देना होगा। इससे विज्ञान विषयों की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं को अपनी तैयारी बेहतर करने का अवसर मिल सकता है। यह सुविधा मॉडल विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में कोचिंग की समय-सारणी और कक्षाओं के विषयों का अलग से विवरण नहीं दिया गया है।

पढ़ाई में कैसे मदद मिलेगी?

इस कोचिंग व्यवस्था में स्मार्ट क्लासरूम का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके साथ विद्यार्थियों को विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री भी मिल रही है। इन सुविधाओं से विद्यार्थियों को विषयों को समझने और पढ़ाई को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है। ऑनलाइन कक्षाओं के जरिए संध्याकाल में पढ़ाई का अतिरिक्त अवसर मिलता है। इससे विद्यार्थी स्कूल में पढ़ाए गए पाठ को दोहराने और अपनी तैयारी मजबूत करने पर ध्यान दे सकते हैं। हालांकि, कक्षाओं की अवधि, सप्ताह में कितने दिन पढ़ाई होगी और कौन-कौन से विषय शामिल हैं, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।

किन विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ?

यह सुविधा बिहार के 147 मॉडल विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा 11वीं और 12वीं के विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों के लिए है। यानी इसका लाभ उन छात्र-छात्राओं को मिल सकता है, जो इन विद्यालयों में विज्ञान विषय लेकर पढ़ाई कर रहे हैं। कोचिंग निःशुल्क होने के कारण विद्यार्थियों को इसके लिए अलग से फीस नहीं देनी होगी। विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन और अध्ययन सामग्री उनकी पढ़ाई में सहायक हो सकते हैं। उपलब्ध जानकारी में विद्यार्थियों के चयन, पंजीकरण या कक्षा से जुड़ने की प्रक्रिया का विवरण नहीं है। इसलिए इन बातों की पुष्टि संबंधित विद्यालय से करना जरूरी होगा।

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क्या पढ़ाई और बेहतर हो सकती है?

स्मार्ट क्लासरूम, शिक्षकों का मार्गदर्शन और अध्ययन सामग्री एक साथ मिलने से विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए अतिरिक्त सहायता मिल सकती है। संध्याकालीन कोचिंग से उन्हें नियमित स्कूल के बाद पढ़ने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थी इस समय का इस्तेमाल कठिन विषयों को समझने, पाठ दोहराने और परीक्षा की तैयारी करने में कर सकते हैं। हालांकि, सुविधा से विद्यार्थियों के नतीजों पर कितना असर पड़ेगा, यह उनकी नियमित भागीदारी और पढ़ाई पर निर्भर करेगा। उपलब्ध जानकारी में परीक्षा परिणाम या विद्यार्थियों की प्रगति से जुड़े आंकड़े नहीं दिए गए हैं। इसलिए अभी इसके असर को लेकर कोई निश्चित दावा नहीं किया जा सकता।

आगे क्या जानकारी जरूरी है?

कोचिंग से जुड़ी पूरी जानकारी के लिए विद्यार्थियों को अपने विद्यालय से संपर्क करना चाहिए। उनसे कक्षाओं का समय, पढ़ाए जाने वाले विषय, ऑनलाइन कक्षा में शामिल होने का तरीका और अध्ययन सामग्री मिलने की प्रक्रिया पूछी जा सकती है। यह भी पता करना जरूरी है कि सभी 147 मॉडल विद्यालयों में कक्षाएं एक ही समय पर चलेंगी या व्यवस्था अलग-अलग होगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बिहार के इन विद्यालयों में कक्षा 11वीं और 12वीं के विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों को निःशुल्क संध्याकालीन ऑनलाइन कोचिंग मिल रही है। इसका उद्देश्य स्मार्ट क्लासरूम, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और अच्छी अध्ययन सामग्री के जरिए उनकी पढ़ाई को बेहतर बनाना है।

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