ट्रैफिक को नहीं ठहराया जा सकता जिम्मेदार
ट्रैफिक पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि उम्मीदवार ने परीक्षा केंद्र पहुंचने के लिए अपेक्षाकृत लंबा रास्ता चुना था, जबकि एक छोटा और तेज मार्ग भी उपलब्ध था। पुलिस के अनुसार, यदि कम दूरी वाला रास्ता अपनाया जाता तो समय पर पहुंचने की संभावना अधिक थी।
फैक्ट-चेक रिपोर्ट में कहा गया है कि परीक्षा वाले दिन शहर में ट्रैफिक की स्थिति सामान्य थी और किसी बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम के कारण यातायात प्रभावित नहीं हुआ था। पुलिस ने यह भी बताया कि रास्ते में तैनात ट्रैफिक कर्मी जरूरत पड़ने पर उम्मीदवार की मदद करते नजर आए। वहीं, इस मामले को लेकर भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि 21 जून को आयोजित एक बड़ी रैली के कारण छात्रों को परेशानी हुई, हालांकि ट्रैफिक पुलिस की जांच में रैली को देरी का मुख्य कारण नहीं माना गया।