Bengal Guv VC Appointment Controversy: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी वी आनंद बोस द्वारा सरकारी विश्वविद्यालयों में अंतरिम वीसी नियुक्त किए जाने पर काफी विवाद हो रहा है। ऐसे में राज्यपाल सी वी आनंद बोस ने अब एक अन्य सरकारी विश्वविद्यालय का अंतरिम वीसी नियुक्त किया है। बोस ने मंगलवार रात नव स्थापित कन्याश्री विश्वविद्यालय के कार्यवाहक वीसी के रूप में प्रोफेसर काजल डे के नाम की घोषणा की। काजल डे नेताजी सुभाष ओपन यूनिवर्सिटी में गणित की प्रोफेसर थीं।
राज्यपाल ने यह घोषणा तब की, जब शिक्षक दिवस के एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उनपर तीखा हमला करते हुए राज्य की शिक्षा प्रणाली में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया। इसके कुछ ही घंटों बाद राज्यपाल द्वारा नए वीसी की नियुक्ति की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने भाषण के दौरान धमकी दी थी कि अगर राज्यपाल इस तरह काम करना जारी रखेंगे तो वह राजभवन के बाहर धरने पर बैठेंगी।
राज्यपाल के इस फैसले की जानकारी राजभवन द्वारा एक बयान में दी गई। बयान में कहा गया "माननीय कुलाधिपति ने आज प्रोफेसर काजल डे को कन्याश्री विश्वविद्यालय, पश्चिम बंगाल का कार्यवाहक कुलपति नियुक्त किया।"
रविवार रात बोस ने प्रेसीडेंसी यूनिवर्सिटी, MAKAUT और बर्दवान यूनिवर्सिटी सहित सात विश्वविद्यालयों के कार्यवाहक कुलपतियों की नियुक्ति की थी। इस मामले पर बोस पर हमला करते हुए, बनर्जी ने मंगलवार को आरोप लगाया था कि राज्यपाल राज्य द्वारा नियुक्त खोज समिति की सलाह के बिना अपनी इच्छा के अनुसार अंतरिम कुलपतियों की नियुक्ति कर रहे हैं। कुलपतियों को पांच सदस्यीय खोज समिति द्वारा सुझाए गए नामों में से चुना जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बोस पैनल के सुझावों की परवाह किए बिना अपनी इच्छा से लोगों को नियुक्त कर रहे थे।
बनर्जी ने 'जैसे को तैसा' कार्रवाई का वादा किया और राज्यपाल के निर्देशों का पालन करने वाले सभी विश्वविद्यालयों को फंडिंग रोकने की धमकी दी थी। उन्होंने कहा था, "मैं देखूंगी कि आप इन कुलपतियों को वेतन कैसे देते हैं।"