लॉ कॉलेजों में सुविधाओं और शिक्षकों की होगी जांच
BCI के निर्देश के अनुसार, विश्वविद्यालयों को अपने सभी लॉ कॉलेजों का नियमित निरीक्षण करना होगा। इसके लिए विशेष निरीक्षण टीम बनाई जाएगी, जो कॉलेजों में कक्षाओं, पुस्तकालय, कंप्यूटर और इंटरनेट सुविधा, मूट कोर्ट, लीगल एड क्लीनिक, सेमिनार हॉल, स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाओं की जांच करेगी।
इसके साथ ही विश्वविद्यालय यह भी सुनिश्चित करेंगे कि कॉलेजों में योग्य शिक्षक मौजूद हों, निर्धारित शिक्षण घंटे पूरे किए जा रहे हों और कक्षाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हों। BCI का कहना है कि सभी लॉ कॉलेजों को मान्यता अवधि के दौरान तय शैक्षणिक और बुनियादी मानकों को बनाए रखना होगा।
सप्ताहांत और शाम की कक्षाओं पर BCI की सख्ती
बीसीआई ने विश्वविद्यालयों को नियमित विधि पाठ्यक्रमों के अनिवार्य स्वरूप को कमजोर करने वाली किसी भी अनुचित सप्ताहांत, शाम या शिफ्ट-आधारित कक्षाओं की पहचान करने और उन्हें बंद करने का निर्देश भी दिया है।
इसमें कहा गया है कि ऐसी व्यवस्थाओं के तहत आगे कोई एडमिशन नहीं होना चाहिए और चेतावनी दी गई कि ऐसे कोर्स से ग्रेजुएट होने वालों को वकालत करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
इसमें कहा गया, "बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने निर्देश दिया है कि पूरी प्रक्रिया - जिसमें फिजिकल इंस्पेक्शन, जांच-पड़ताल, उचित आदेश जारी करना और बार काउंसिल ऑफ इंडिया को यूनिवर्सिटी-वार एक समेकित रिपोर्ट सौंपना शामिल है - छह हफ्ते के भीतर पूरी की जाए।"
BCI ने यूनिवर्सिटीज से यह भी कहा है कि वे तीन कामकाजी दिनों के भीतर सर्कुलर मिलने की पुष्टि करें, इसे लागू करने के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करें और छह हफ्ते के भीतर यूनिवर्सिटी-वार अनुपालन रिपोर्ट सौंपें। उसने चेतावनी दी कि सही ढंग से इंस्पेक्शन न करने पर रेगुलेटरी कार्रवाई की जाएगी।