माता-पिता को बालवाटिका में नामांकन कराने के लिए प्रोत्साहित करना उद्देश्य
अभियान के उद्देश्यों में सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना और माता-पिता तथा समुदाय के सदस्यों को 3-6 वर्ष की आयु के बच्चों को बालवाटिका में नामांकित करने के लिए प्रोत्साहित करना शामिल है।
इसके साथ ही अभियान का उद्देश्य 5-6 वर्ष की आयु के बच्चों को कक्षा-1 में निर्बाध संक्रमण के लिए तैयार करना और यह सुनिश्चित करना है कि 3-6 आयु वर्ग के सभी बच्चे बालवाटिका कक्षाओं से जुड़े हों।
ये रहेगा पूरा कार्यक्रम
अभियान के तहत प्रमुख गतिविधियों में "प्रभात फेरी" शामिल है, जो 16-17 अप्रैल को जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को शामिल करते हुए आयोजित की जाएगी।
बयान में कहा गया है कि अभियान के उद्देश्यों और मुख्य संदेशों को उजागर करने के लिए 18-21 अप्रैल तक विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा, जबकि 22-23 अप्रैल को कठपुतली शो और बच्चों द्वारा इंटरैक्टिव कहानी सुनाने सहित रोल प्ले और कहानी सुनाने के सत्रों के माध्यम से सामुदायिक सहभागिता आयोजित की जाएगी।
24-25 अप्रैल को बच्चों और अभिभावकों के लिए रचनात्मक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, इसके बाद 28-29 अप्रैल को अभिभावक-शिक्षक बैठकें होंगी।