AIIA: अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने और शैक्षणिक अनुसंधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयुष मंत्रालय ने मंगलवार को वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी के एनआईसीएम हेल्थ रिसर्च इंस्टीट्यूट (NICM Health Research Institute) में आयुर्वेद एकेडमिक चेयर की घोषणा की है। जिसका कार्यकाल तीन साल के लिए होगा। अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (All India Institute of Ayurveda) नई दिल्ली के एसोसिएट प्रोफेसर और कौमारभृत्य विभाग के प्रमुख राजगोपाला एस को पश्चिमी सिडनी विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया में आयुर्वेदिक विज्ञान में अकादमिक अध्यक्ष के पद के लिए चुना गया है।
पश्चिमी चिकित्सा और आयुर्वेदिक विज्ञान को करेगा एक
आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा यह एक अच्छा कदम है और मुझे यकीन है कि यह पद ऑस्ट्रेलिया में अकादमिक और सहयोगी शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने में हमारे सहयोग को मजबूत करेगा। यह सार्वजनिक स्वास्थ्य देखभाल वितरण प्रणाली के साथ इसे एकीकृत करने के लिए अनुसंधान परिणामों का अनुवाद करने में मदद करेगा। हमारे वैज्ञानिक प्रथाओं के विश्वसनीय सबूत होंगे। डॉ राजगोपाला एस ने वैद्य राजेश कोटेचा, सचिव, आयुष मंत्रालय के साथ पश्चिमी सिडनी विश्वविद्यालय के कुलपति और अध्यक्ष, प्रोफेसर बार्नी ग्लोवर और अन्य के नेतृत्व में ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। पश्चिमी सिडनी विश्वविद्यालय के कुलपति और अध्यक्ष प्रोफेसर बार्नी ग्लोवर ने स्वीकार किया कि यह सहयोग पश्चिमी चिकित्सा और आयुर्वेदिक विज्ञान को एक साथ लाने में मदद करेगा।
16 विदेशी देशों के साथ एमओयू
आयुष मंत्रालय ने भारत की सॉफ्ट पावर के रूप में आयुर्वेद और योग को बढ़ावा देने और स्थापित करने के लिए ठोस प्रयास किए हैं। उसी की सुविधा के लिए 16 विदेशी देशों के साथ आयुष चेयर के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग (आईसी योजना) को बढ़ावा देने के लिए एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना भी विकसित की है, जो आयुष चिकित्सा पद्धति के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देने और विशेषज्ञों का अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान मजबूत करने के लिए, विदेशों में आयुष प्रणालियों के अंतरराष्ट्रीय प्रचार, विकास और मान्यता को सुविधाजनक बनाने और समर्थन करने के लिए है।
अकादमिक और सहयोगी अनुसंधान का करेगा संचालन
आयुष मंत्रालय ने जारी बयान में कहा है कि अकादमिक चेयर आयुर्वेद में अकादमिक और सहयोगी अनुसंधान गतिविधियों का संचालन करेगा, जिसमें हर्बल दवा और योग शामिल हैं। साथ ही अकादमिक मानकों और लघु अवधि / मध्यम अवधि के पाठ्यक्रम और शैक्षिक दिशानिर्देश भी शामिल हैं। यह मजबूत ऑस्ट्रेलियाई नियामक ढांचे के भीतर आयुर्वेद से संबंधित शिक्षण, अनुसंधान और नीति विकास में उत्कृष्टता को प्रदर्शित करने और बढ़ावा देने में अकादमिक नेतृत्व प्रदान करेगा और पारंपरिक स्वास्थ्य देखभाल में साक्ष्य-आधारित आयुर्वेद दवाओं के अनुवाद और एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए रणनीति विकसित करेगा।