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Coaching Institute: कोचिंग संस्थानों पर नियंत्रण, राजस्थान के बाद अब इस राज्य में भी विधेयक को मिली मंजूरी

Mon, 10 Mar 2025 11:51 AM IST
शिवम गर्ग एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Assam Coaching Institutes Act: असम सरकार ने छात्रों के अधिकार की सुरक्षा के लिए 'असम कोचिंग संस्थान (नियंत्रण और विनियम) अधिनियम 2025' को मंजूरी दे दी है, जिससे राज्य में निजी कोचिंग संस्थानों पर नियंत्रण लागू होगा। राजस्थान के बाद यह दूसरा राज्य है जिसने ऐसे  विधेयक को पारित किया।
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कोचिंग संस्थानों पर नियंत्रण - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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Assam Coaching Institutes Act: असम सरकार ने हाल ही में एक अहम निर्णय लेते हुए "असम कोचिंग संस्थान (नियंत्रण और विनियमन) अधिनियम 2025" को मंजूरी दी है, जिसका मुख्य उद्देश्य कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई कर रहे छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा और संरक्षण करना है। राज्य सरकार का उद्देश्य निजी कोचिंग संस्थानों की बेतहाशा बढ़ती संख्या को नियंत्रित करना है, जिससे छात्रों को बेहतर और सुरक्षित शिक्षा मिल सके।

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इससे पहले राजस्थान ने "राजस्थान कोचिंग सेंटर (नियंत्रण और विनियमन) विधेयक 2025" को मंजूरी दी थी और अब असम देश का दूसरा राज्य बन गया है जो इस तरह के विधेयक को लागू कर रहा है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस कानून को मंजूरी देते हुए कई अन्य प्रमुख योजनाओं का भी ऐलान किया है, जिनमें राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) की निष्पक्षता और MBBS, BDS प्रवेश नियमों में संशोधन जैसे कदम शामिल हैं।
 

असम सरकार ने इस विधेयक को केंद्र द्वारा जारी किए गए कोचिंग संस्थान विनियमन दिशानिर्देशों के आधार पर पारित किया है। पिछले साल नवंबर में केंद्रीय सरकार ने कोचिंग संस्थानों द्वारा किए जाने वाले झूठे वादों जैसे "100 प्रतिशत चयन" पर रोक लगाने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए थे। इससे पहले हरियाणा ने भी इस तरह का एक विधेयक पारित किया था, जो राज्य में निजी कोचिंग संस्थानों की निगरानी और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए था।

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अधिनियम के प्रमुख बिंदु

  • विधेयक का उद्देश्य: असम सरकार का उद्देश्य कोचिंग संस्थानों के संचालन को नियंत्रित करना और छात्रों के लिए एक सुरक्षित, पारदर्शी और न्यायपूर्ण शैक्षिक वातावरण प्रदान करना है।
  • विधेयक की शर्तें: इस विधेयक के तहत, सभी निजी कोचिंग संस्थान नियमों का पालन करेंगे और छात्रों के लिए झूठे वादे नहीं करेंगे। इसके साथ ही कोचिंग संस्थानों को CCTV कैमरे लगाने, साप्ताहिक अवकाश देने, और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का संचालन करने की अनिवार्यता होगी।
  • पारदर्शिता और कानूनी पालन: हरियाणा की तरह, असम में भी कोचिंग संस्थान नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना और उनके पंजीकरण की रद्दीकरण की सजा होगी। हर उल्लंघन पर पहले 25,000 रुपये जुर्माना होगा और इसके बाद यदि उल्लंघन जारी रहता है, तो 1 लाख रुपये जुर्माना और संस्थान का पंजीकरण रद्द किया जाएगा।

अन्य राज्य भी उठा रहे कदम

असम के अलावा, हरियाणा ने भी निजी कोचिंग संस्थानों के लिए एक बिल पारित किया है, जो छात्रों और उनके अभिभावकों के हितों की रक्षा करेगा। केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों के तहत, कोचिंग संस्थान अब 16 साल से कम उम्र के बच्चों को नामांकित नहीं कर सकेंगे और उन्हें विद्यार्थियों के लिए गलत वादों से बचने के लिए निर्देशित किया जाएगा।
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