अधिनियम के प्रमुख बिंदु
- विधेयक का उद्देश्य: असम सरकार का उद्देश्य कोचिंग संस्थानों के संचालन को नियंत्रित करना और छात्रों के लिए एक सुरक्षित, पारदर्शी और न्यायपूर्ण शैक्षिक वातावरण प्रदान करना है।
- विधेयक की शर्तें: इस विधेयक के तहत, सभी निजी कोचिंग संस्थान नियमों का पालन करेंगे और छात्रों के लिए झूठे वादे नहीं करेंगे। इसके साथ ही कोचिंग संस्थानों को CCTV कैमरे लगाने, साप्ताहिक अवकाश देने, और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का संचालन करने की अनिवार्यता होगी।
- पारदर्शिता और कानूनी पालन: हरियाणा की तरह, असम में भी कोचिंग संस्थान नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना और उनके पंजीकरण की रद्दीकरण की सजा होगी। हर उल्लंघन पर पहले 25,000 रुपये जुर्माना होगा और इसके बाद यदि उल्लंघन जारी रहता है, तो 1 लाख रुपये जुर्माना और संस्थान का पंजीकरण रद्द किया जाएगा।
अन्य राज्य भी उठा रहे कदम
असम के अलावा, हरियाणा ने भी निजी कोचिंग संस्थानों के लिए एक बिल पारित किया है, जो छात्रों और उनके अभिभावकों के हितों की रक्षा करेगा। केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों के तहत, कोचिंग संस्थान अब 16 साल से कम उम्र के बच्चों को नामांकित नहीं कर सकेंगे और उन्हें विद्यार्थियों के लिए गलत वादों से बचने के लिए निर्देशित किया जाएगा।