NTA करता है NEET परीक्षा का आयोजन
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि परीक्षा की पारदर्शिता और ईमानदारी बनाए रखने के लिए जरूरी है कि सभी केंद्रों पर आधार आधारित बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य किया जाए।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सभी परीक्षा केंद्र सरकारी या सरकार सहायता प्राप्त कॉलेजों में ही बनाए जाएं। परीक्षा सामग्री के आवागमन, वितरण और सुरक्षित भंडारण को लेकर भी सख्त सावधानियां बरती जाएं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सभी परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरों से निगरानी, हर केंद्र पर जांच की स्पष्ट प्रक्रिया (SOP), जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक का व्यक्तिगत निरीक्षण और परीक्षा केंद्रों की स्वच्छता सुनिश्चित की जाए।
इसके साथ ही, असम सरकार ने सुझाव दिया कि वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को परीक्षा की तैयारी, निगरानी और संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाए। मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और NTA के बीच निकट समन्वय की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री सरमा ने साफ कहा कि परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी को लेकर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जानी चाहिए और यदि कोई व्यक्ति गैरकानूनी गतिविधि में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने अंत में कहा, "हम हर परीक्षा को पूर्ण पारदर्शिता के साथ आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और चूंकि NEET एक बहुत ही महत्वपूर्ण परीक्षा है, इसलिए हम इसके निष्पक्ष और शांतिपूर्ण संचालन के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं।"