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Arunachal: इस राज्य के राज्यपाल ने शिक्षा सुधार पर दिया जोर; कहा- रटने से नहीं, सोचने और समझने से बनेगा भविष्य

Fri, 05 Sep 2025 06:48 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Arunachal Pradesh: अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल के.टी. परनाइक ने शिक्षक दिवस पर शिक्षा सुधार की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल रटने तक सीमित न होकर तर्कशक्ति, रचनात्मकता और टीमवर्क पर आधारित हो। साथ ही स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लर्निंग और कौशल शिक्षा पर भी जोर दिया।
 
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केटी परनाइक, अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल - फोटो : ANI
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विस्तार
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Arunachal Pradesh: अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल के. टी. परनाइक ने शुक्रवार को शिक्षा व्यवस्था में त्वरित सुधार की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षण पद्धति, पाठ्यक्रम और मूल्यांकन प्रणाली ऐसी होनी चाहिए, जो विद्यार्थियों की क्षमता, तर्कशक्ति और रचनात्मक सोच को विकसित करे।

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राज्यपाल परनाइक यहां शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में 40 शिक्षकों को राज्य पुरस्कार प्रदान कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि उच्च माध्यमिक स्तर की शिक्षा छात्रों को जटिलताओं से निपटने, अनुशासन बनाए रखने और स्वतंत्र निर्णय लेने के लिए तैयार करनी चाहिए।

परीक्षाओं को विद्यार्थियों की तर्कशक्ति और रचनात्मकता को परखने का माध्यम बनना चाहिए: राज्यपाल

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ये वर्ष केवल परीक्षा की तैयारी, बोर्ड के पाठ्यक्रम और उत्तर रटने तक सीमित रहेंगे, तो इससे विद्यार्थियों में परफॉर्मेंस एंग्जायटी (प्रदर्शन को लेकर चिंता) बढ़ेगी। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि परीक्षाओं को विद्यार्थियों की तर्कशक्ति और रचनात्मकता को परखने का माध्यम बनना चाहिए, न कि एक दिन के दबावपूर्ण टेस्ट के जरिए उनकी क्षमता आंकने का।

परनाइक ने कहा कि विद्यार्थियों को ज्ञान को लागू करने, आलोचनात्मक रूप से सोचने, आत्ममंथन करने और टीम में काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने टिप्पणी की, “अगर कक्षाओं में पुराने ढर्रे को ही अपनाया जाएगा, तो कोई भी राष्ट्र नवाचार और प्रगति नहीं कर सकता।”

पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों को बधाई देते हुए राज्यपाल ने उन्हें “सच्चा राष्ट्रनिर्माता” बताया, जो नई पीढ़ी के मस्तिष्क और समाज की दिशा तय करते हैं।
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शिक्षकों को दी खुद को अपडेट रखने की सलाह

उन्होंने शिक्षकों से लगातार पुस्तकों से परे जाकर खुद को अपडेट रखने, नई-नई शिक्षण पद्धतियां अपनाने और अपने आचरण से मूल्यों को स्थापित करने की अपील की। राज्यपाल ने विशेष रूप से कमजोर छात्रों का ध्यान रखने, महान व्यक्तित्वों के जीवन से प्रेरणा लेने और विद्यार्थियों में जिज्ञासा, सहयोग तथा अनुशासन की भावना जगाने पर जोर दिया।

उन्होंने डिजिटल लर्निंग, स्मार्ट क्लासरूम, स्थानीय सामग्री और कौशल-आधारित शिक्षा को भी समय की जरूरत बताया। परनाइक ने कहा कि अकादमिक पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों को जलविद्युत, कृषि, पर्यटन, आईटी और पारंपरिक हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में अवसरों से जोड़ना चाहिए।

राज्यपाल ने कहा, “राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 हमें लचीली, बहुविषयक और कौशल-आधारित शिक्षा का खाका देती है। यदि इसे ईमानदारी से लागू किया जाए, तो हम शैक्षिक खाई को पाटकर अपने विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार कर सकते हैं।”
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