आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने कहा कि आईएमएस बीएचयू देश के शीर्ष पांच संस्थानों में स्थान रखता है। इस प्रतिष्ठा को बनाए रखने के लिए रैगिंग का पूर्ण उन्मूलन जरूरी है। डीन ने कहा कि रैगिंग किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रो. रीता सिंह ने कहा कि जब छात्र रैगिंग के कारण दंडित होते हैं या निष्कासित होते हैं, तो यह हम सभी को आहत करता है।
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12 से 18 अगस्त तक एंटी-रैगिंग जागरूकता सप्ताह चला
स्कवॉड के प्रो. ललित मोहन अग्रवाल ने बताया कि आईएमएस बीएचयू में 12 से 18 अगस्त तक एंटी-रैगिंग जागरूकता सप्ताह मनाया गया। सोमवार को डिबेट प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक और वैलिडिक्ट्री सेशन किया गया।
रैगिंग के प्रति शून्य सहिष्णुता - सुरक्षित परिसर का निर्माण मिलकर करें। 'कड़े एंटी-रैगिंग कानून बनाम नैतिक अपील' की थीम पर डिबेट प्रतियोगिता और नुक्कड़ नाटक में मानसिक, भावनात्मक और शैक्षणिक नुकसान को दिखाकर आपसी सम्मान और सहयोग की अपील की गई। निर्णायक मंडल में प्रो. मधु जी. तापड़िया, डॉ. धीरेंद्र कुमार राय, डॉ. पूनम पांडेय, डॉ. संतोष कुमार सिंह, डॉ. बाला लखेन्द्र और नम्रता सिंह शामिल रहीं। विजेताओं को पुरस्कार और प्रमाणपत्र वितरित किए गए। इन्होंने विद्यार्थियों की स्पष्टता, आत्मविश्वास और गहन चिंतन की सराहना की।