परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए जगह-जगह अलग-अलग कदम उठाए जा रहे हैं। खासकर उत्तर प्रदेश में पहले यूपी बोर्ड परीक्षाओं को लेकर हर केंद्र के गेट से क्लासरूम तक कैमरे लगाए जाने के निर्देश दिए गए। आगे अन्य सख्ती नियमों को लेकर भी बैठक होनी है। इसी क्रम में अब चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) ने भी नकल रोकने के लिए नई पहल की है।
सीसीएसयू द्वारा मेरठ-सहारनपुर मंडल के नौ जिलों के 950 सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों से विभिन्न सत्रों की भेजी गई छात्र-छात्राओं की डिग्री (उपाधि) वापस मंगवाई जाएगी। डिग्री देने के नाम पर कॉलेजों द्वारा वसूली की शिकायतों के बाद विश्वविद्यालय ने यह फैसला लिया है। विश्वविद्यालय अब सभी छात्र-छात्राओं की उपाधियों को कूरियर या स्पीड पोस्ट द्वारा रजिस्टर्ड पते पर भेजेगा। कुलपति प्रो. एन के तनेजा की अध्यक्षता में हुई परीक्षा समिति की बैठक में यह फैसला हुआ। विश्वविद्यालय ने बीते तीन सत्रों में पास आउट छात्रों की उपाधियां कॉलेजों में भेजी थी।
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