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अब उत्तर पुस्तिकाओं में लगेगा बार कोड, आसनी से होगी ट्रेस

Mon, 18 Nov 2019 09:27 AM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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- फोटो : अमर उजाला
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परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए जगह-जगह अलग-अलग कदम उठाए जा रहे हैं। खासकर उत्तर प्रदेश में पहले यूपी बोर्ड परीक्षाओं को लेकर हर केंद्र के गेट से क्लासरूम तक कैमरे लगाए जाने के निर्देश दिए गए। आगे अन्य सख्ती नियमों को लेकर भी बैठक होनी है। इसी क्रम में अब चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) ने भी नकल रोकने के लिए नई पहल की है। 

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विवि ने परीक्षा कॉपियों के गलत प्रयोग को रोकने के लिए नियमों में कई बदलाव किए हैं। नए नियमों के अनुसार, पेपर के दौरान कैंपस में प्रिंटेड बार कोड वाली आंसर शीट मिलेगी। कॉपियों पर दर्ज बार कोड छात्र-छात्राओं के रोल नंबर और कॉलेजों से लिंक होंगे। आंसर शीट के अंदर भी सीक्रेट कोड प्रिंट रहेगा। इस सिस्टम से कॉपियों को बदला नहीं जा सकेगा। साथ ही खाली कापियों को अन्यत्र प्रयोग करने पर उसे आसानी से ट्रेस किया जा सकेगा। परीक्षा समिति ने इस बदलाव का निर्देश दिया है।

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प्रवक्ता के अनुसार विश्वविद्यालय में प्रतिवर्ष 60 लाख आंसर शीट विभिन्न परीक्षाओं में इस्तेमाल होती हैं। परीक्षा के दौरान छात्रों को जो भी आंसर शीट मिलेंगी, उसमें पहले से ही दो जगह बार कोड प्रिंट रहेगा। इस बार कोड में छात्र-छात्राओं की समस्त जानकारी, वर्ष और कॉलेज की डिटेल भी रहेगी। बार कोड वाली आंसर शीट होने से विश्वविद्यालय केंद्रों से इन कापियों को सीधे मूल्यांकन केंद्रों पर भेजा जा सकेगा। इस प्रक्रिया में अलग से बार कोड लगाने का समय बचेगा और मूल्यांकन जल्दी होगा।

निजी कॉलेजों से डिग्री वापस मंगवाएगा

सीसीएसयू द्वारा मेरठ-सहारनपुर मंडल के नौ जिलों के 950 सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों से विभिन्न सत्रों की भेजी गई छात्र-छात्राओं की डिग्री (उपाधि) वापस मंगवाई जाएगी। डिग्री देने के नाम पर कॉलेजों द्वारा वसूली की शिकायतों के बाद विश्वविद्यालय ने यह फैसला लिया है। विश्वविद्यालय अब सभी छात्र-छात्राओं की उपाधियों को कूरियर या स्पीड पोस्ट द्वारा रजिस्टर्ड पते पर भेजेगा। कुलपति प्रो. एन के तनेजा की अध्यक्षता में हुई परीक्षा समिति की बैठक में यह फैसला हुआ। विश्वविद्यालय ने बीते तीन सत्रों में पास आउट छात्रों की उपाधियां कॉलेजों में भेजी थी।

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