फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Samwad 2026: आईआईएम निदेशक प्रो. एमपी गुप्ता बोले-AI हर क्षेत्र को बदलेगा, स्किल्स डेवलपमेंट है असली चुनौती

Tue, 19 May 2026 02:38 PM IST
Shahin Praveen एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Amar Ujala Samwad 2026: अमर उजाला ‘संवाद 2026’ में आईआईएम निदेशक प्रो. मनमोहन प्रसाद गुप्ता ने कहा कि एआई हर क्षेत्र को बदलने की क्षमता रखता है, लेकिन असली चुनौती लोगों में स्किल्स डेवलपमेंट की है।
विज्ञापन
Amar Ujala Samwad - फोटो : अमर उजाला, ग्राफिक
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Amar Ujala Samwad: अमर उजाला समूह उत्तर प्रदेश की राजधानी में संवाद उत्तर प्रदेश 2026 का आज आयोजन हुआ। इस महामंथन में आईआईएम के निदेशक प्रो. मनमोहन प्रसाद गुप्ता भी शिरकत किया। एआई पर बात करते हुए प्रो. मनमोहन प्रसाद ने कहा कि आने वाली पीढ़ी के लिए चुनौतियां बढ़ रही हैं, क्योंकि एआई अब जीवन के हर क्षेत्र को प्रभावित करेगा। लेकिन असली सवाल यह नहीं है कि एआई आएगा या नहीं, बल्कि यह है कि पूरा देश इसमें अपनी क्षमता (skills) कैसे विकसित करेगा।

‘60 छात्र, 60 कंपनियां’- IIM लखनऊ का इनोवेशन मॉडल

प्रो. मनमोहन प्रसाद गुप्ता ने चर्चा के दौरान आईआईएम लखनऊ के नए कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए कहा कि संस्थान 2-3 नए प्रोग्राम शुरू कर रहा है। उनका लक्ष्य इन कार्यक्रमों को प्रदेश के हर जिले तक पहुंचाना है।

विज्ञापन


उन्होंने बताया कि संस्थान का एक विशेष कार्यक्रम है, जिसके तहत जेईई एडवांस के 60 छात्रों का चयन किया जाएगा और उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि आज के समय में एआई (AI) सीखना शिक्षा का जरूरी हिस्सा बन गया है। हालांकि, इससे जॉब मार्केट में बदलाव आएगा। कुछ क्षेत्रों में नौकरियां घट सकता है, लेकिन ग्रोथ बढ़ेगी।

प्रो. गुप्ता ने कहा कि जरूरत इस बात की है कि बच्चों में एआई के जरिए ज्ञान, कौशल (skills) और समझ विकसित की जाए। उन्होंने कहा कि आईआईएम लखनऊ के कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल छात्रों को कॉरपोरेट नौकरी के लिए तैयार करना नहीं है, बल्कि नवाचार (innovation) को बढ़ावा देना है।
विज्ञापन


उन्होंने कहा, “हमारा प्रयास है कि आज के 60 छात्र अगले चार वर्षों में 60 कंपनियां खड़ी करें और ये कंपनियां आगे दूसरे युवाओं को रोजगार देने का काम करें। यही हमारी यूपी के लिए प्रतिबद्धता है।”

विज्ञापन

तकनीक, नवाचार और भविष्य की चुनौतियों पर विचार

आज हम तकनीक के इस्तेमाल में ज्यादातर “यूजर साइड” पर खड़े हैं। हमें यह भी समझना होगा कि ICT सप्लाई चेन में कंप्यूटर, मोबाइल, चिप और अन्य उपकरण कहां से आ रहे हैं। इनके पीछे innovation और patents किसके पास हैं, यह जानना भी जरूरी है।

तीन मुख्य सवाल महत्वपूर्ण हैं- पहला, तकनीक और उपकरणों का निर्माण कौन कर रहा है? दूसरा, ये चिप और डिवाइस कहां बन रहे हैं? तीसरा, इनका उपयोग कौन कर रहा है? इन तीनों आयामों में हम अभी मुख्य रूप से उपयोगकर्ता (user side) पर खड़े हैं।

2012 में उत्तराखंड में cloudburst हुआ था, जिससे बहुत बड़ा नुकसान हुआ था। ऐसे में सवाल यह है कि क्या आने वाले समय में ऐसे हादसों की सटीक और पहले से जानकारी मिल सकती है? क्या हम चार घंटे पहले सही पूर्वानुमान (prediction) कर सकते हैं ताकि नुकसान को कम किया जा सके?

इसी तरह, अगर हम Hawada Bridge जैसे पुराने ढांचों की बात करें, तो क्या यह जानना संभव है कि वह कब कमजोर हो सकता है या गिर सकता है? ऐसी सटीक जानकारी समय रहते मिलना बहुत जरूरी है, ताकि बड़े हादसों को रोका जा सके।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें