देश में बदलती शिक्षा प्रणाली, नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में शिक्षण के भविष्य पर मंथन करने के लिए 6 दिसंबर को नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में 'अमर उजाला एजुकेशन फॉर भारत-2025' कॉन्क्लेव का भव्य आयोजन हो रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई।
सुबह 10 बजे से शुरू होने वाले इस एक दिवसीय महासम्मेलन में केंद्र और राज्य सरकारों के मंत्री, पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग, वरिष्ठ नौकरशाह और देश के शीर्ष विश्वविद्यालयों के कुलपति एक मंच पर आकर 'विकसित भारत' के लिए शिक्षा का रोडमैप तैयार करेंगे।
दिग्गजों का जमावड़ा: खेल के मैदान से संसद तक की आवाज
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग का सत्र शामिल है। दोपहर 12:10 बजे 'क्रिकेट के मैदान से क्लासरूम तक' विषय पर होने वाली चर्चा में सहवाग अनुशासन, जुझारू क्षमता और हाई-परफॉर्मेंस लर्नर्स तैयार करने के अपने अनुभव साझा करेंगे।
शाम के सत्र में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद 'वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भारत को कुशल बनाने' पर अपना विजन रखेंगे। वहीं, राज्यसभा सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी एआई के युग में नेतृत्व, नैतिकता और राष्ट्र निर्माण पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।
नीति और भविष्य की शिक्षा पर मंथन
कॉन्क्लेव में शिक्षा नीति के शीर्ष रणनीतिकार भी मौजूद रहेंगे। यूजीसी के चेयरमैन विनीत जोशी उच्च शिक्षा की स्वायत्तता और गुणवत्ता पर चर्चा करेंगे, जबकि एआईसीटीई के चेयरमैन प्रो. टी.जी. सीताराम 'डिस्ट्रप्शन के दौर में विश्वविद्यालयों' की भूमिका पर प्रकाश डालेंगे। पूर्व यूजीसी चेयरमैन एम. जगदीश कुमार एनईपी के अब तक के सफर और भविष्य की राह पर की-नोट संबोधन देंगे।
उत्तर प्रदेश और दिल्ली के मंत्रियों का विजन
दोपहर 12:30 बजे होने वाले विशेष सत्र 'स्टेट्स विजन फॉर ए फ्यूचर-रेडी भारत' में उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और दिल्ली सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री आशीष सूद एक साथ मंच साझा करेंगे।
तकनीक और एआई पर विशेष जोर
तकनीकी बदलावों को ध्यान में रखते हुए, कार्यक्रम में 'जनरेटिव एआई' (Generative AI) और 'टीचर्स 2.0' जैसे सत्र रखे गए हैं। इनमें आईआईटी गांधीनगर के निदेशक प्रो. रजत मूना, डीटीयू के वीसी प्रो. प्रतीक शर्मा और गूगल फॉर एजुकेशन के क्षेत्रीय प्रबंधक हेमंत भल्ला जैसे विशेषज्ञ यह बताएंगे कि एआई किस तरह क्लासरूम और शिक्षण को बदल रहा है।
कार्यक्रम की रूपरेखा
सुबह 10 बजे दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का आगाज होगा। दिन भर चलने वाले इस आयोजन में कुल 16 सत्र होंगे, जिनमें 'डिजिटल गैप को पाटना', 'कैंपस टू करियर' और 'स्कूल शिक्षा का कायाकल्प' जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर पैनल डिस्कशन शामिल हैं। कार्यक्रम का समापन एमिटी यूनिवर्सिटी की वीसी प्रो. (डॉ.) बलविंदर शुक्ला के संबोधन के साथ शाम 5 बजे होगा।
अमर उजाला समूह का यह प्रयास एक ऐसे मंच के रूप में सामने आ रहा है, जहाँ नीति-निर्माता और शिक्षाविद मिलकर भारत की भावी पीढ़ी को सशक्त बनाने के लिए संवाद करेंगे।