कोरोना वायरस की वजह से हुए लॉकडाउन से पूरे देश के शिक्षण संस्थान बंद हैं। वहीं कुछ राज्य अब अपने यहां के स्कूलों को खोलने के बारे में विचार कर रहे हैं। जिसके लिए कई नियम भी बनाए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम बंगाल में स्कूल खुलने पर सोशल डिस्टेंसिंग का अच्छे से पालन हो सके इसके लिए विद्यार्थियों को अल्टरनेट दिनों में क्लासेस अटेंड करनी होंगी।
शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि स्कूलों को एक "अल्टरनेट मॉडल" का पालन करने के लिए कहा जाएगा और विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि कक्षा में सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन किया जाए। अल्टरनेट मॉडल के बारे में विस्तार से पूछने पर उन्होंने कहा कि इसके बारे में पूर्ण जानकारी बाद में दी जाएगी। वहीं शिक्षा मंत्री पार्थ ने बताया कि 30 जून के बाद से राज्य में स्कूलों को खोलने की योजना बनाई जा रही है।
शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा कि निजी शिक्षण संस्थान इस मॉडल का पालन करने के लिए स्वतंत्र हैं या वे अपना टाइम टेबल बना सकते हैं। हालांकि, शिक्षा मंत्री ने संकेत दिया कि उन्हें उम्मीद है कि निजी स्कूल सरकार के फैसले का पालन करेंगे।
पार्थ चटर्जी ने आगे कहा, "यदि एक राज्य-संचालित स्कूल और एक निजी स्कूल एक ही इलाके में स्थित हैं, तो दोनों के लिए एक ही नियम लागू किये जाएंगे, क्योंकि एक ही इलाके के छात्रों को एक जैसी स्थिति का सामना करना पड़ेगा।"
उन्होंने बुधवार को घोषणा की थी कि राज्य संचालित स्कूलों को 10 जून की बजाय 30 जून के बाद से खोला जाएगा। क्योंकि अभी बहुत से स्कूलों का उपयोग बाहर से आने वाले लोंगे के लिए क्वारिंटीन सेंटर के तौर पर प्रयोग किये जा सकते हैं।
कोरोना वायरस के कारण लगे लॉकडाउन से पहले ही पश्चिम बंगाल बोर्ड नें माध्यमिक परीक्षाओं को पूर्ण करा लिया था। इस वर्ष 10वीं की परीक्षा में करीब 10.16 लाख छात्रों ने भाग लिया था। इन परीक्षाओं का आयोजन 18 फरवरी से 27 फरवरी तक किया गया था। वहीं, हायर सेकेंडरी के बाकी बचे विषयों की परीक्षाएं 29 जून से 6 जुलाई के मध्य आयोजित की जाएंगी।