कुछ समय पहले ही बीएचयू की कुछ छात्राओं ने ये आरोप लगाया था कि यूनिवर्सिटी में उन्हें फ्री वाई-फाई की सुविधा नहीं मिलती है जबकि प्रशासन का कहना था कि छात्रों को ये सुविधा मिलती है। आपको बता दें कि अब एचआरडी मंत्रालय जल्द ही इस तरह की शिकायतों को दूर करने जा रही है। खबर है कि आने वाले जुलाई महीने तक देश की सभी सेंट्रल यूनिवर्सिटी में फ्री वाई-फाई सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। जेएनयू में ये सुविधा पहले से ही है। अब बाकी सेंट्रल यूनिवर्सिटी के लिए मंत्रालय ने डेडलाइन तय कर दी है।
यूजीसी को वाई-फाई सुविधा देने की जिम्मेदारी
यूनिवर्सिटी में फ्री वाई-फाई
एचआरडी मंत्रालय के एक अधिकारी से मिली जानकारी के मुताबिक इससे पहले सभी यूनिवर्सिटी में फ्री वाई-फाई देने का लक्ष्य 30 सितंबर 2016 रखा गया था लेकिन उसमें देर हो गई क्योंकि वाई-फाई के लिए सभी यूनिवर्सिटी में सामान पहुंचाने में काफी वक्त लग गया। यूजीसी को वाई-फाई सुविधा देने की जिम्मेदारी दी गई है। यूजीसी ने इसके लिए कई वाइस चांसलर्स की एक कमिटी भी बनाई है जो इस काम पर नजर रख रही है।
30 अप्रैल तक सेंट्रल यूनिवर्सिटी राजस्थान, बिलासपुर, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश की सागर यूनिवर्सिटी, वर्धा और ईएफएल यूनिवर्सिटी हैदराबाद में वाई-फाई सुविधा देने का काम पूरा कर दिया जाएगा। वहीं 30 मई तक सेंट्रल यूनिवर्सिटी ओडिशा और उत्तराखंड की गढ़वाल यूनिवर्सिटी में फ्री वाई-फाई सुविधा पहुंचा दी जाएगी।
सिक्युरिटी फीचर भी जोड़े जाएंगे
दिल्ली यूनिवर्सिटी
इसके बाद जून महीने में हैदराबाद यूनिवर्सिटी, पश्चिम बंगाल की शांति निकेतन यूनिवर्सिटी, लखनऊ की भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी, तेजपुर यूनिवर्सिटी, असम यूनिवर्सिटी, हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी, मिजोरम यूनिवर्सिटी, जम्मू यूनिवर्सिटी, सेंट्रल यूनिवर्सिटी बिहार, पुदुचेरी, ईटानगर, त्रिपुरा, सिक्किम यूनिवर्सिटी और मध्य प्रदेश में अमरकंटक यूनिवर्सिटी में वाई-फाई सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। आपको बता दें कि यूनिवर्सिटी में सभी छात्र-छात्राओं को उनके क्लास रूम से लेकर हॉस्टल तक में वाई-फाई सुविधा मिल सकेगी।
बीएचयू, सेंट्रल यूनिवर्सिटी कश्मीर, मणिपुर, नागालैंड, कर्नाटक, केरल, हरियाणा यूनिवर्सिटी के साथ ही दिल्ली यूनिवर्सिटी, जामिया मिलिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में सबसे आखिरी फेज में ये काम होगा। जुलाई तक सभी यूनिवर्सिटी में फ्री वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।
जानकारी के मुताबिक वाई-फाई के सर्वर में सिक्युरिटी फीचर भी जोड़े जाएंगे जिससे कुछ यूआरएल ब्लॉक किए जा सकेंगे जैसे कि सभी पॉर्न साइट्स यूनिवर्सिटी के वाई-फाई सर्वर में प्रतिबंधित होंगी। इसके साथ ही एक ऐसा ऑप्शन मौजूद होगा जिससे कि रात में इंटरनेट को बंद किया जा सके। वाई-फाई का पूरा खर्च एचआरडी मंत्रालय ही उठाएगा।