2015-16 से लेकर 2019-20 तक यानी बीते पांच वर्षों में उच्च शिक्षा में दाखिला लेने वाले छात्रों में 11.4 फीसदी की वृद्धि हुई है। एआईएसएचई की रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि के दौरान उच्च शिक्षा में महिला नामांकन में 18.2 फीसदी की बढ़ोतर दर्ज की गई है। वहीं उच्च शिक्षा में कुल नामांकन में 3.04 प्रतिशत का सुधार देखा गया है। 2018-19 में 3.74 करोड़ की तुलना में 2019-20 में कुल 3.85 करोड़ नामांकन हुए हैं। यानी तकरीबन 11.36 लाख (3.04 प्रतिशत) की वृद्धि दर्ज की गई है।
सकल नामांकन अनुपात (ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो- जीईआर) में 0.8 फीसदी अंकों का सुधार हुआ है। जीईआर का मतलब 18 से 23 वर्ष की उम्र वालों की तुलना में उच्च शिक्षा में दाखिला लेने वाले की संख्या का अनुपात। बता दें कि 2019-20 में जीईआर 27.1, 2018-19 में 26.3और 2014-2015 में 24.3 फीसदी रहा है।
एआईएसएचई की रिपोर्ट के अनुसार 2019-20 में, 3.38 करोड़ छात्रों ने स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के कार्यक्रमों में दाखिला लिया है। इनमें से लगभग 85 प्रतिशत छात्र (2.85 करोड़) मानविकी, विज्ञान, वाणिज्य, इंजीनियरिंग व प्रौद्योगिकी, चिकित्सा विज्ञान एवं आईटी व कंप्यूटर जैसे छह प्रमुख विषयों में प्रवेश लिया है। इसके अलावा 2019-20 में शिक्षकों की कुल संख्या 15,03,156 रही। जिसमें 57.5 प्रतिशत पुरुष और 42.5 प्रतिशत महिला शिक्षक शामिल हैं।