अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से मान्यता प्राप्त देश के सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों में अकेडमिक सत्र 2020-21 के तहत दाखिले के लिए सिर्फ दो कॉउंसलिंग होगी। अभी तक पांच से सात तक कॉउंसलिंग राउंड होते थे।लॉक डाउन में संस्थान बंद होने के चलते यह फैसला लिया गया है।
एआईसीटीई की 27 अप्रैल को आयोजित एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक में आगामी सत्र के शेड्यूल में थोड़ा बदलाव किया गया है। इसके तहत अब काउंसलिंग का पहला राउंड 15 अगस्त तक पूरा होगा इस अवधि में पहले राउंड में अलॉट सभी सीटों पर दाखिला प्रक्रिया पूरी करनी अनिवार्य रहेगी। इससे पहले काउंसलिंग का पहला राउंड 30 जून तक पूरा होना था। अब काउंसलिंग के पहले राउंड में पंद्रह दिन की देरी होगी।
एआईसीटीई के सदस्य सचिव प्रो. राजीव कुमार की ओर से सभी मान्यता प्राप्त संस्थानों को इस संबंध में पत्र लिखा गया है। दूसरे राउंड की काउंसलिंग 25 अगस्त तक पूरी होगी। इससे पहले यह १० जुलाई तक पूरी की जानी थी। दो राउंड काउंसलिंग के बाद यदि कोई सीट खाली रहती है तो फिर 31 अगस्त तक दाखिला कर सकते हैं। यानी खाली सीटों को भरने के लिए कॉलेज प्रबंधन के पास पांच दिन का समय होगा। पुराने छात्रों के लिए नया सत्र एक अगस्त और नए दाखिला लेने वाले छात्रों का सत्र एक सितंबर से शुरू होगा। कॉलेज सभी बैठक या कामकाज में माइक्रोसॉफ्ट टीम सॉफ्टवेयर का प्रयोग करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट से डेट बढ़ाने और ऑनलाइन अप्रूवल की अपील:
एआईसीटीई ने सुप्रीम कोर्ट से तकनीकी संस्थानों को आगामी सत्र 2020 में मान्यता देने की डेट 15 जून तक बढ़ाने की अपील भी की है। इसके अलावा नए कॉलेज को कैंपस में जाकर जांच के बाद अप्रूवल देने की बजाय ऑनलाइन अप्रूवल देने की भी अपील की गए है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश केतहत एआईसीटीई को 30 अप्रैल तक मान्यता देने का काम पूरा करना होता है। हालांकि कोरोना बचाव के लॉकडाउन के चलते इस काम में देरी हुई है।