स्कोरकार्ड में क्या जानकारी मिलेगी?
परिणाम के साथ जारी होने वाले स्कोरकार्ड में उम्मीदवारों के प्राप्त अंक, परीक्षा में उनकी सफलता या असफलता की स्थिति और सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस (Certificate of Practice- CoP) के लिए पात्रता का विवरण उपलब्ध होगा। यही प्रमाणपत्र उम्मीदवारों को देश में विधि व्यवसाय करने का अधिकार प्रदान करता है।
- प्राप्त अंक
- फेल या पास की स्थिति
- सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस
क्या है CoP?
जो अभ्यर्थी निर्धारित न्यूनतम अंक हासिल करने में सफल होंगे, उन्हें बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस जारी किया जाएगा। इसके बाद वे भारत की अदालतों में आधिकारिक रूप से वकालत करने के पात्र माने जाएंगे। इसलिए परिणाम देखने के साथ-साथ उम्मीदवारों को अपने वर्ग के अनुसार निर्धारित न्यूनतम क्वालिफाइंग अंक भी अवश्य जांचने चाहिए।
कैटेगरी के अनुसार कितने अंक लाना जरूरी?
बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने AIBE 21 परीक्षा के लिए विभिन्न श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम योग्यता अंक निर्धारित किए हैं। उम्मीदवार अपने प्राप्त अंकों की तुलना इन अंकों से कर यह जान सकते हैं कि वे परीक्षा में सफल हुए हैं या नहीं।
- सामान्य वर्ग (General): इस श्रेणी के उम्मीदवारों को परीक्षा पास करने के लिए कम से कम 43 अंक यानी 45 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है।
- अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को भी न्यूनतम 38 अंक यानी 45 प्रतिशत अंक हासिल करने होंगे, तभी उन्हें सफल माना जाएगा।
- अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST): इन वर्गों के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 32 अंक यानी 40 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए हैं।
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि रिजल्ट जारी होने के बाद वे अपने स्कोरकार्ड में दर्ज अंकों की तुलना इन क्वालिफाइंग मार्क्स से अवश्य करें। इससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि वे सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस प्राप्त करने के योग्य हैं या नहीं।