AI in Engineering: देश के सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों में 2025 आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) का वर्ष होगा। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत भारत को विश्वगुरु बनाने के सपने को साकार करने के लिए 14 हजार इंजीनियरिंग कॉलेजों के 40 लाख छात्रों को एआई में दक्ष करेगा।
31 दिसंबर से पहले कॉलेज भेजे योजना
इसके तहत सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों 31 दिसंबर तक अपनी योजना को बनाकर एआईसीटीई को भेजनी होगी। खास बात यह है कि सालभर कैंपस में भारत को एआई, इनोवेशन और शिक्षा के क्षेत्र में भारत को विश्वगुरु बनाने का संकल्प लेने के साथ कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। एआईसीटीई के अध्यक्ष प्रोफेसर टीजी सीताराम ने बताया कि भारत युवा देश है और भविष्य एआई में है।
एआईसीटीई के अध्यक्ष ने कहा, "जैसा कि हम 2025 को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के वर्ष के रूप में समर्पित करते हैं, आइए हम भविष्य के लिए तैयार कार्यबल का निर्माण करने के लिए एकजुट हों। साथ मिलकर, हम भारत को एआई नवाचार, नैतिकता और शिक्षा में वैश्विक नेता के रूप में आकार दे सकते हैं, जिससे आत्मनिर्भरता और समृद्धि के हमारे साझा दृष्टिकोण को पूरा किया जा सके।"
40 लाख छात्रों को किया जाएगा प्रशिक्षित
भारत अपने युवा शक्ति के दम पर दुनिया के लिए एआई वर्कफोर्स तैयार करेगा। इसके लिए 14 कॉलेजों के 40 लाख छात्रों को एआई में दक्ष किया जाएगा। इसके लिए कॉलेजों को एआई मल्टी डिस्पिलनरी कोर्स और रिसर्च प्रोग्राम शुरू करने होंगे। साथ ही इंडस्ट्री की डिमांड आधारित एआई लैब स्थापित होंगी। एआई जागरुकता के लिए हैकथॉन, वर्कशाप, विशेषज्ञों के विशेष एआई लैक्चर, एआई आधारित कैरियर काउंसलिंग प्रोग्राम चलाए जाएंगे।
क्या होता है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एक ऐसी तकनीक है, जो मशीनों और कंप्यूटरों को इंसानों की तरह सोचने, समझने और निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करती है। इसका उद्देश्य है मशीनों को इस काबिल बनाना कि वे डेटा का विश्लेषण करके समस्याओं को हल कर सकें, भविष्यवाणी कर सकें और कार्य को स्वचालित कर सकें।