कृषि विषय वाले छात्रों की प्रवेश संबंधी लंबित थी शिकायतें
कृषि विषय के साथ अखिल भारतीय प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों की लंबे समय से यह शिकायत थी कि उन्हें प्रवेश नहीं दिया जाता था, क्योंकि अधिकांश विश्वविद्यालय केवल तीन विषयों - भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित और जीव विज्ञान - वाले छात्रों को ही दाखिला देते थे।
कृषि को पात्रता मानदंडों में से एक नहीं रखा गया क्योंकि राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार को छोड़कर अधिकांश राज्यों में यह विषय इंटरमीडिएट स्तर पर नहीं पढ़ाया जाता है।
एक बयान में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लंबे समय से लंबित शिकायत का अब समाधान कर दिया गया है।
12वीं में कृषि विषय का होना जरूरी
बीएससी (कृषि) सीटें प्रदान करने वाले 50 आईसीएआर कृषि विश्वविद्यालयों में से 42 ने एबीसी (कृषि, जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान) विषय संयोजन को पात्रता मानदंड के रूप में स्वीकार किया है। तीन विश्वविद्यालयों ने पीसीए (भौतिकी, रसायन विज्ञान, कृषि) संयोजन को भी स्वीकार किया है।
शेष पांच विश्वविद्यालयों, जिन्हें अपने प्रबंधन बोर्डों से अनुमोदन की आवश्यकता है, ने आश्वासन दिया है कि वे 2026-27 शैक्षणिक सत्र से कक्षा 12वीं के लिए प्रवेश पात्रता मानदंड में कृषि को एक विषय के रूप में शामिल करेंगे।
उन्होंने कहा कि इन कुलपतियों के साथ विचार-विमर्श जारी है तथा वर्तमान सत्र से ही बदलावों को लागू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।