दिसंबर तक कितने अग्निवीरों का कार्यकाल पूरा हो रहा?
आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर 2026 तक पहले बैच में भर्ती हुए करीब 18,300 अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल पूरा हो रहा है। ये पहले बैच में भर्ती हुए 24,400 अग्निवीरों का करीब 75% हैं। भारतीय वायुसेना ने पिछले महीने ही पहले अग्निवीर वायु बैच के 2,850 अग्निवीरों में से 712 को नियमित सेवा में बनाए रखने का निर्णय लिया था।
अग्निपथ योजना कब शुरू हुई थी?
अग्निपथ योजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14 जून 2022 को मंजूरी दी थी। इसके तहत सशस्त्र बलों में युवाओं की भर्ती के लिए एक नई व्यवस्था लागू की गई। इस योजना के अंतर्गत चयनित युवाओं को अग्निवीर नाम दिया गया। इस योजना का उद्देश्य भारतीय सशस्त्र बलों को युवा, फिट और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना था।
योजना के तहत सेना में जवानों यानी अधिकारी रैंक से नीचे के पदों पर भर्ती की नई व्यवस्था बनाई गई। यह योजना थल सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना तीनों पर लागू की गई। शुरुआत में अग्निवीरों की सेवा अवधि चार साल निर्धारित की गई थी। इसमें प्रशिक्षण की अवधि भी शामिल थी।
योजना के नियम के मुताबिक हर बैच के अधिकतम 25% अग्निवीरों को चार साल की सेवा के बाद मेरिट और सेना की जरूरतों के आधार पर नियमित सेना में शामिल किया जाएगा। अब कैबिनेट के नए निर्णय के बाद 75% अग्निवीरों को दो साल और सेवा करने का मौका मिलेगा। छह साल पूरे होने के बाद जो अग्निवीर सेना में रहना चाहेंगे, वे नियमित भर्ती के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें तय चयन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
अग्निपथ योजना में भर्ती किन तरीकों से होती है?
- अग्निवीर जनरल ड्यूटी (GD)
- अग्निवीर टेक्निकल
- अग्निवीर क्लर्क/स्टोर कीपर टेक्निकल
- अग्निवीर ट्रेड्समैन
- महिला सैन्य पुलिस के लिए अग्निवीर भर्ती
भारतीय नौसेना में:
- अग्निवीर एसएसआर (Senior Secondary Recruit): इस श्रेणी में सामान्य तौर पर 12वीं में गणित और भौतिक विज्ञान की शैक्षणिक योग्यता जरूरी होती है। निर्धारित इंजीनियरिंग डिप्लोमा और अन्य समकक्ष योग्यताओं के आधार पर भी आवेदन के अवसर दिए जाते हैं।
- अग्निवीर एमआर (Matric Recruit): इस श्रेणी के लिए 10वीं पास अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। इसमें शेफ, स्टीवर्ड और हाइजीनिस्ट जैसे कार्य शामिल रहे हैं।
भारतीय वायुसेना में:
भारतीय वायुसेना में अग्निपथ योजना के तहत भर्ती होने वाले युवाओं को अग्निवीरवायु (Agniveervayu) कहा जाता है। इसमें शैक्षणिक योग्यता के आधार पर मुख्य रूप से दो तरह के विकल्प होते हैं:
- विज्ञान विषय
- विज्ञान के अलावा अन्य विषय
अग्निवीरों को कितनी सैलरी मिलती है?
अग्निपथ योजना की शुरुआत में अग्निवीरों के लिए अलग वेतन पैकेज निर्धारित किया गया था। इसमें हर साल वेतन में बढ़ोतरी का प्रावधान रखा गया था।
मासिक पैकेज का 30 प्रतिशत हिस्सा अग्निवीर कॉर्पस फंड में जमा होता है। इतनी ही राशि का योगदान केंद्र सरकार की ओर से भी किया जाता है। चार साल की सेवा पूरी होने पर लगभग 11.71 लाख रुपये का सेवा निधि पैकेज देने का प्रावधान है।