Science Stream Education: देश में उच्च शिक्षा में अब बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर कॉलेजों में साइंस स्ट्रीम की सीटों में बढ़ोतरी करने का सुझाव दिया है। खासकर छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में साइंस स्ट्रीम के लिए सीटों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
सरकार का यह फैसला उस आंकड़े के आधार पर आया है, जिसमें बताया गया है कि पिछले दो वर्षों में 12वीं कक्षा में साइंस स्ट्रीम से पास होने वाले छात्रों की संख्या में 9 लाख तक की बढ़ोतरी हुई है। यह दर्शाता है कि अब लड़के ही नहीं, लड़कियां भी साइंस को प्राथमिकता दे रही हैं।
साइंस स्ट्रीम में क्यों दिख रहा है उछाल?
शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, वर्ष 2022 में जहां साइंस स्ट्रीम का पास प्रतिशत 52.2% था, वह 2023 में बढ़कर 56.2% और 2024 में 61% तक पहुंच गया। इसका मुख्य कारण स्कूल स्तर पर अटल टिंकरिंग लैब, बेहतर साइंस लैब और प्रशिक्षित शिक्षकों की उपलब्धता है।
इसके अलावा, विज्ञान और तकनीक में बढ़ते करियर विकल्प और सरकारी व निजी क्षेत्रों में अवसरों की भरमार ने भी छात्रों का रुझान साइंस स्ट्रीम की ओर मोड़ा है।
| वर्ष |
साइंस स्ट्रीम पास % |
अनुमानित पास छात्रों की संख्या |
| 2022 |
52.2% |
लगभग 50 लाख |
| 2023 |
56.2% |
लगभग 54 लाख |
| 2024 |
61.0% |
लगभग 59 लाख |
शिक्षा मंत्रालय द्वारा राज्यों को भेजे गए पत्र में साफ तौर पर निर्देश दिया गया है कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित कॉलेजों में साइंस स्ट्रीम की सीटों में बढ़ोतरी की जाए। इसके अलावा, इन कॉलेजों में आधुनिक साइंस लैब और अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है, ताकि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें। मंत्रालय ने यह भी सुझाव दिया है कि छात्र-छात्राओं को करियर काउंसलिंग के माध्यम से साइंस स्ट्रीम के संभावित लाभ और अवसरों के बारे में बताया जाए, जिससे वे इस क्षेत्र में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।
2022 तक साइंस स्ट्रीम में 50 लाख से अधिक थी सीट
वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछले तीन साल से देशभर में 12वीं कक्षा के रिजल्ट का अध्ययन करें तो निष्कर्ष निकलता है कि साइंस स्ट्रीम में छात्रों के पासआउट आंकड़े में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पहले आर्ट्स में पासआउट आंकड़ा सबसे अधिक होता था। लेकिन वर्ष 2022 के बाद से साइंस स्ट्रीम में यह आंकड़ा बढ़ रहा है। इससे साफ होता है कि पिछले दो साल में साइंस स्ट्रीम में पासआउट आंकड़ों में नौ लाख की बढ़ोतरी हुई है। एक अनुमान के मुताबिक, वर्ष 2022 तक देशभर में साइंस स्ट्रीम में 50 लाख से अधिक सीट थीं।