इस वर्ष दाखिले के लिए नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (एनएसयूटी) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। तकनीकी विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए बनी ज्वाइंट एडमिशन कमेटी (जैक) दिल्ली के अध्यक्ष प्रो. जेके मिश्रा ने बताया कि दाखिले के लिए विश्वविद्यालय की ओर से तैयारी शुरू हो गई है।
देशभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए जेईई मेंस ने परिणाम जारी कर दिया है। इस बीच दिल्ली के तकनीकी विश्वविद्यालयों में दाखिले को लेकर तैयारी तेज हो गई है। एक सितंबर से दाखिले के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होगी।
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इस वर्ष दाखिले के लिए नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (एनएसयूटी) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। तकनीकी विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए बनी ज्वाइंट एडमिशन कमेटी (जैक) दिल्ली के अध्यक्ष प्रो. जेके मिश्रा ने बताया कि दाखिले के लिए विश्वविद्यालय की ओर से तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए एनएसयूटी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बीते वर्ष यह जिम्मेदारी दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) को सौंपी गई थी। प्रो. मिश्रा ने कहा कि जल्द ही अगले दो दिनों में इसे लेकर जैक दिल्ली की एक उच्च स्तरीय बैठक होगी। बैठक में दाखिले को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी।
तीन से चार चरणों में होगी काउंसलिंग प्रोफेसर मिश्रा ने बताया कि पंजीकरण करने बाद छात्रों के जेईई स्कोर को लेकर दाखिला सूची तैयार होगी। हालांकि, इसके लिए तीन से चार चरणों की काउंसलिंग चलेगी। काउंसलिंग में छात्रों को अपने मनपसंद कॉलेज व कोर्स को भरना होगा। काउंलिंग में छात्रों को पता चल सकेगा कि उन्होंने अपना पसंदीदा पाठ्यक्रम कौन से विश्वविद्यालय में मिल रहा है। सीट मिलने पर छात्रों को अपनी सीट लॉक करनी होगी। यदि कोई छात्र सीट लॉक नहीं करता है, तो उसे दाखिला लेने में परेशानी हो सकती है। वहीं, यदि इसके बाद भी सीटें खाली रह जाती हैं तो स्पॉट काउंसलिंग की मदद से सीटों को भरा जाएगा।
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पंजीकरण के लिए 1500 लगेगा शुल्क
प्रोफेसर ने बताया कि दाखिले के लिए छात्रों को जैक दिल्ली के पोर्टल पर पंजीकरण करवाना होगा। इसके तहत छात्रों को जेईई स्कोर भरने के साथ अन्य शैक्षणिक जानकारी भरनी होगी। वहीं, आवेदन करने के लिए छात्रों को कम से कम 1500 रुपये शुल्क भरना होगा। हालांकि, यह शुल्क बढ़ेगा या नही, इसे लेकर जैक दिल्ली की उच्चस्तरीय बैठक में निर्णय लिया जाएगा।