दिल्ली विश्वविद्यालय में साइंस के स्नातकोत्तर (पीजी) के दाखिले इस बार भी 50-50 फार्मूले से ही होंगे। 50 फीसदी सीधे दाखिले (मेरिट से) व 50 फीसदी प्रवेश परीक्षा से होंगे। स्नातक अंतिम वर्ष के सीजीपीए को 9.5 से गुणा कर मेरिट तैयार की जाएगी। वहीं, साइंस के सभी कोर्स में न्यूनतम दाखिला योग्यता को एक समान कर दिया गया है। अब तक हर कोर्स की न्यूनतम योग्यता अलग-अलग होती थी।
दाखिला कमेटी के सदस्य ने बताया कि कमेटी की बैठक में इन सिफारिशों को मंजूरी मिल गई है। अब तक 100 फीसदी दाखिले प्रवेश परीक्षा के आधार पर लेने की बात सामने आ रही थी। लेकिन इस बार साइंस कोर्स में ऐसा नहीं होगा। एमएससी स्तर पर 9 कोर्स हैं। दाखिले में एकरूपता लाने के लिए न्यूनतम योग्यता को एक समान बनाया गया है।
इस बार मेरिट से होने वाले दाखिले के लिए न्यूनतम योग्यता 60 फीसदी और प्रवेश परीक्षा से होने वाले दाखिले की योग्यता 55 फीसदी होगी। उल्लेखनीय है कि डीयू से स्नातक करने वाले छात्रों के दाखिले सीधे मेरिट आधार पर होते हैं। जबकि, डीयू के बाहर से पढ़े छात्रों के लिए प्रवेश परीक्षा होती है।
सीजीपीए को 9.5 से गुणा कर बनेगी मेरिट
डीयू में च्वाइस बेस्ट क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) लागू होने के बाद इस साल पहला बैच निकलेगा। ऐसे में पीजी साइंस कोर्स के लिए मेरिट यूजी अंतिम वर्ष के छात्रों को मिले सीजीपीए से निर्धारित होगी। छात्रों के सीजीपीए को 9.5 से गुणा कर मेरिट तैयार की जाएगी। वहीं, डीयू में पीजी के अन्य कोर्स के लिए भी दाखिला मानदंड तय करने के लिए बैठकें चल रही हैं।