Admission Fraud in MBA-CET 2025: मुंबई क्राइम ब्रांच ने एमबीए-सीईटी 2025-26 प्रवेश प्रक्रिया में धोखाधड़ी करने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में दो बी.टेक छात्र भी शामिल हैं, जो प्रवेश परीक्षा के दौरान छात्रों के स्कोर को प्रभावित करने में लिप्त थे।
गिरफ्तार आरोपियों में अंबरीश कुमार सिंह (ऑनलाइन मार्केटिंग फर्म के मालिक), तीसरे वर्ष के बी.टेक छात्र आदित्य राज और केतन यादव तथा अभिषेक श्रीवास्तव शामिल हैं। यह सभी आरोपी शुक्रवार को दिल्ली से गिरफ्तार किए गए थे।
क्या था धोखाधड़ी का तरीका?
अधिकारी ने बताया कि उन्हें एडुस्पार्क इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर अभिषेक जोशी की शिकायत पर मंगलवार को आजाद मैदान पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले में हिरासत में लिया गया। एडुस्पार्क इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड महाराष्ट्र कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (एमएचटी-सीईटी) सेल के लिए करीब 18-19 प्रवेश परीक्षाएं और परीक्षाएं आयोजित करता है। उन्होंने बताया, "यहां आवेदन पत्र दाखिल करते समय समस्याओं का सामना करने वाले उम्मीदवारों के पास प्रश्नों और दिशा-निर्देशों के लिए एक हेल्पडेस्क है। आरोपी collegeinside.org नामक एक वेबसाइट संचालित करता था जो छात्रों को मार्गदर्शन प्रदान करती थी। आरोपी राजबीर नामक व्यक्ति के संपर्क में आया जिसने उन्हें ऐसी परीक्षाओं में बैठने वाले छात्रों की सूची दी।"
अधिकारी ने बताया, "राजबीर ने आरोपियों से कहा कि वे छात्रों को भंडारा, गोंदिया, यवतमाल और जालना जैसे विशिष्ट परीक्षा केंद्र चुनने के लिए मनाएं, ताकि वह अल्ट्राव्यूअर सॉफ्टवेयर का उपयोग करके उन कंप्यूटरों तक दूरस्थ पहुंच प्राप्त कर सके, जहां से उम्मीदवार परीक्षा दे रहे थे। उसने दावा किया कि वह अंकों में हेरफेर कर सकता है और आरोपियों तक पहुंच प्रदान कर सकता है।"
धोखाधड़ी के दौरान कितना पैसा लिया गया?
आरोपियों ने दावा किया है कि वे तमिलनाडु के एक प्रसिद्ध प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया में इस धोखाधड़ी को अंजाम देने में कामयाब रहे। अपराध शाखा के अधिकारी ने कहा, "आरोपी छात्रों से 15-20 लाख रुपये की मांग करते थे। आगे की जांच चल रही है और और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना है।"