कृष्ण रज से सराबोर ब्रज में हर साल लाखों पर्यटक आते हैं। देश-विदेश में ब्रज की संस्कृति अपने आप में अनूठा उदाहरण है। यह बात सच है कि ब्रज में आने वालों की बड़ी तादाद है, लेकिन पर्यटकों की संख्या ब्रज के आकर्षण की तुलना में बेहद कम है।
यहां हैरीटेज, वाइल्ड लाइफ, धर्मिक स्थल, पुरातत्व संग्रहालय, संस्कृति, भोजन की विविधता जैसे अनेक आयाम हैं, जो पर्यटन उद्योग के लिए अपार संभावनाएं समेटे हुए हैं। ब्रज क्षेत्र को पर्यटकों के अनुरूप और बेहतर तथा सुविधाजनक बनाने की जरूरत है।
विश्व पर्यटन दिवस पर
संस्कृति यूनिवर्सिटी में इसी विषय पर चर्चा हुई, जिसमें निधिवन सरोवर के जनरल मैनेजर रत्नेश सहाय ने ब्रज में पर्यटन की संभावनाओं पर विचार व्यक्त किए। रत्नेश सहाय ने कहा कि आधे अधूरे मन से किए गए किसी भी कार्य में सफलता नहीं मिलती।
उद्यम, आचरण, मधुर व्यवहार जैसी खूबियों वाले लोग छोटे से कार्य को लेकर ही बहुत आगे तक जाते हैं। उन्होंने मुम्बई सहित कई क्षेत्रों में फर्श से अर्श पर पहुंचे लोगों के उदाहरण देकर युवाओं को प्रेरित किया। डब्बे वाले से लेकर नीला मेहता की नमकीन शॉप से जुड़ी कहानी प्रारंभ से अंत तक सुनाकर सभी को प्रेरित किया।
संस्कृति यूनिवर्सिटी के उप कुलपति डॉक्टर अभय कुमार ने कहा कि देश में पर्यटन के अलावा आंतरिक तीर्थाटन भी बड़ी संख्या में लोग करते हैं। स्थानीय स्तर पर युवा इस दिशा में काम करके ब्रज के गौरव को जन-जन तक पहुंचाने के साथ पैसा भी कमा सकते है। संस्कृति यूनिवर्सिटी के डीन डॉक्टर कल्याण ने कहा कि पर्यटन की दिशा में भारत अनेक अनुकूल संभावनाओं वाला क्षेत्र है।
यहां हर तरह की पर्यावरणीय परिस्थिति हर समय पर मौजूद हैं। इसके अलावा हर क्षेत्र में विविधताओं का अंबार यहां मौजूद है। इस दिशा में सकारात्मक सोच के साथ योजनाओं को अमली जामा पहनाने की दिशा में काम करना चाहिए। टूरिज्म एंड डिजिटल ट्रांसफॉरमेशन के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रत्नेश सहाय को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया।
धन्यवाद ज्ञापन विभागाध्यक्ष पीयूष झा ने किया। होटल सरोवर ग्रुप से आईं नेहा का भी सम्मान किया गया। इस ग्रुप की वर्ल्ड वाइड चेन है।
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