सर्वेक्षण में हुआ खुलासा
यह जानकारी एक नए सर्वेक्षण में सामने आई है। यह सर्वेक्षण टर्नइटिन नामक वैश्विक शैक्षणिक संस्था द्वारा कराया गया है, जो शिक्षा में ईमानदारी और मूल्यता सुनिश्चित करने के क्षेत्र में कार्यरत है। यह सर्वेक्षण इंग्लैंड की मार्केट रिसर्च फर्म वैनसन बॉर्न ने किया है।
इस सर्वे में भारत, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, मैक्सिको, आयरलैंड और अमेरिका सहित छह देशों के कुल 3,500 छात्रों, शिक्षकों और शैक्षणिक प्रशासकों की राय शामिल की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 93 प्रतिशत प्रतिभागियों ने माना कि शिक्षा पर एआई का प्रभाव सकारात्मक है। यह सर्वेक्षण में शामिल सभी देशों में सबसे अधिक सकारात्मक दृष्टिकोण है। हालांकि, उतने ही लोगों ने यह भी माना कि एआई की भारी उपलब्धता और जानकारी की अधिकता उन्हें थोड़ा भ्रमित और बोझिल भी कर रही है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के प्रतिभागी जहां एआई के प्रभाव को लेकर सबसे अधिक आशावादी हैं, वहीं वे इसके अत्यधिक प्रयोग और उपलब्धता से सबसे ज्यादा परेशान या हैरान भी महसूस करते हैं।