AICTE किन कारणों से बंद कराती है संस्थान?
अधिकारी ने आगे कहा, "इस दौरान देश भर के टेक्निकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में चल रहे 950 से ज्यादा कोर्स भी बंद कर दिए गए।"
एआईसीटीई 'प्रोग्रेसिव क्लोजर' और 'पूरी तरह बंद होने' (कंप्लीट क्लोजर) के बीच अंतर करती है। प्रोग्रेसिव क्लोजर में संस्थानों को धीरे-धीरे बंद किया जाता है और एनरोल्ड स्टूडेंट्स को अपनी पढ़ाई पूरी करने की इजाजत दी जाती है, जबकि पूरी तरह बंद होने की स्थिति में कोर्स पूरी तरह से बंद कर दिए जाते हैं और प्रभावित स्टूडेंट्स को दूसरे संस्थानों में ट्रांसफर कर दिया जाता है।
एआईसीटीई कई वजहों से संस्थानों को बंद करने का आदेश देती है, जिनमें कम स्टूडेंट इनटेक, जरूरी फैकल्टी न रख पाना, इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑपरेशनल नियमों का पालन न करना वगैरह शामिल हैं।